
बांसवाड़ा. शहर में सूदखोरी के मामलों में नामजद इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र की एक युवती को गुरुवार को किसी ने गोली मार दी। बुरी तरह जख्मी युवती को एमजी अस्पताल ले जाने पर यहां से तत्काल उदयपुर रैफर कर दिया गया। वारदात के कारण और हमलावर को लेकर शाम तक अभी स्थिति साफ नहीं हुई, हालांकि अंदरखाने ही कुछ होने के संकेत रहे। इस बीच, ऐहतियात बरतते हुए पुलिस ने घटनास्थल पर पुलिस जाब्ता तैनात किया।
पुलिस के अनुसार दोपहर बाद करीब दो बजे इंदिरा कॉलोनी निवासी 35 वर्षीया जीनत पुत्री सलीम खान के साथ वारदात उसके ही घर के सामने बहन के निवास पर हुई। पुलिस रात आठ बजे तक कुछ कहने से बचती रही, लेकिन मामले को अंदरुनी बताया गया। दरअसल, गत 6 नवंबर को कोतवाली में दर्ज गुलरेज खुदकुशी मामले को लेकर पुलिस ने उकसाने के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इसमें मुख्य आरोपी तबस्सुम सहित चार जनों की गिरफ्तारी 29 नवंबर को हुई, जबकि अन्य की तलाश जारी की। मामले में जीनत की भी गिरफ्तारी होनी थी। इसकी भनक पर वह कहीं चली गई। उसके बाद वह गुरुवार सुबह करीब दस-ग्यारह बजे के बीच लौटी और अपने घर के सामने बहन मलिका के घर की चाबी मंगवाकर ठहर गई। उसके साथ यहीं पर गोलीकांड हुआ। गंभीर घायल जीनत को उसकी एक अन्य बहन तबस्सुम और भाई अली सहित परिजन अस्पताल ले गए। फिर कुछ देर में उसे रैफर कर दिया गया। इधर, सूचना पर बांसवाड़ा सीओ राज ऋषि राज वर्मा आईपीएस, एसआई महेंद्रसिंह, राजतालाब चौकी प्रभारी नारायणसिंह, एएसआई विवेकभान और पुलिस दल ने मौका मुआयना किया। बाद में घटनास्थल को सील कर बाहर और आसपास पुलिस जाब्ता लगाया गया।
उधर, डॉक्टरों के अनुसार जीनत की छाती के नीचे दाएं हिस्से में दो गंभीर घाव थे। उसकी नब्ज धीमी पड़ रही थी और शॉक में थी। हालत गंभीर होने के मद्देनजर तत्काल प्राथमिक उपचार कर उसे उच्च संस्थान उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय रैफर कर दिया गया। शाम सवा पांच बजे उदयपुर पहुंचने के बाद परिजनों ने उसे निजी अमेरिकल अस्पताल में दाखिल करवाया। फिर उसका ऑपरेशन हुआ। इधर, बांसवाड़ा में मामले को लेकर देरशाम तक किसी ने कोतवाली में रिपोर्ट नहीं दी। प्रकरण में सीओ वर्मा ने केवल जांच जारी होने की बात कही और टाल गए।
एक-दूसरे के घर में थी बहनें
जीनत के साथ उदयपुर में मौजूद उसकी बहन तबस्सुम ने उदयपुर से फोन पर बातचीत में बताया कि वारदात के दौरान वह अपने घर में थी। बाहर शोरशराबा सुनकर वह दौड़ी और सामने मलिका के घर पहुंची तो घटना का पता चला। इधर, अपने मकान में वारदात पर पर मलिका ने बताया कि जीनत बाहर थी। वह लंबे समय से जीनत के घर ही रह रही थी। अगली गली में उसने आकर घर की चाबी मंगवाई तो भेज दी। फिर खाना मंगवाया, तो वह भी भेजा। उसके कुछ घंटों बाद घटना हुई और चीख- पुकार सुनकर ही वह भी पहुंची। ऐसे में जीनत से के बयान से ही असल घटनाक्रम सामने आने के आसार बने।
कोतवाल रास्ते से लौटे, उदयपुर से आई एफएसएल टीम
इससे पहले जयपुर में किसी अपील के सिलसिले में पेशी पर जा रहे कोतवाल मोतीराम सारण उदयपुर की सीमा तक ही पहुंचे थे कि गोलीकांड की सूचना देकर वापस बुलवा लिया गया। सीआई सारण ने बताया कि लौटते समय रास्ते में ही एम्बुलेंस में घायल जीनत को देखा। उसके बाद बांसवाड़ा पहुंचकर उन्होंने प्रकरण में तहकीकात शुरू की। रात आठ बजे बाद उदयपुर से बुलाई एफएसएल की टीम भी आई। टीम ने मौके से घटना के सुराग बटोरे।
जांच में जुटी पुलिस
गोलीकांड में पिस्तौल देसी थी या दूसरी, यह भी पता नहीं चल पाया। जिस मकान में वारदात हुई, आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बंद पड़े मकान में जीनत आकर रह रही, इसकी जानकारी घर वालों को ही थी। ऐसे में पुलिस का कयास है कि घटनाक्रम घर में ही हुआ। यह आपसी लेनदेन या पुलिस केस में उलझने-उलझाने की बात पर संभव रहा। रात तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने से पुलिस के अधिकारी कुछ कहने से बचते रहे।
Published on:
18 Dec 2020 03:49 pm
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