
बांसवाड़ा. लोगों को जीवनदान देने वाली एंबुलेंस के कार्मिकों का नौकरी से दमफूलने लगा है। 24 घंटे लोगों को जीवन देने की जद्दोहद में जुटने वाले इन कार्मिकों का जीवनयापन किसी संघर्ष से कम नहीं। फिर चाहे सुविधाओं की बात हो या वेतन की सभी तरह से ये कार्मिक सिर्फ जूझ रहे हैं। वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं के लिए कार्मिक लंबे समय से जद्दोजहद में भी लगे हैं, लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी कार्मिकों समस्याओं को कोई समधान नहीं निकला।
गाडिय़ों में ये हैं कार्मिक
तीन तरह की एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। जिसमें 108 इमरजेंसी सेवाओं के लिए और 104 गर्भवती को अस्पताल पहुंचाने के लिए है। इसके अतिरिक्त बेस एंबुलेंस का भी संचालन किया जाता है। कार्य पद्धति के अनुरूप एक समय में 108 एंबुलेंस में पायलट (चालक) और ईमटी (कम्पाउंडर) होते हैं। एंबुलेंस 104 में सिर्फ पायलट सेवाएं देते हैं। जिन्हें 12-12 घंटे की नौकरी करनी होती है।
7 से 8 हजार रुपए मिलता है वेतन
गाडिय़ों में कार्यरत कार्मिकों को महज 7 से साढ़े 8 हजार रुपए मासिक पगार के रूप में हाथ में आते हैं। इनमें ईएमटी को 8 हजार से साढ़े 8 हजार के बीच मिलते हैं। वहीं, पायलट यदि 20 माह से ज्यादा समय कार्य कर चुका है तो 8100 रुपए और 20 माह से कम काम किया है तो 7700 रुपए मासिक पगार के रूप में मिलता है।
बोलेे तो नौकरी खो
कार्मिक ने बताया कि नौकरी के खोने के डर से कुछ बोल भी नहीं पाते हैं। कई बार समस्याओं को सामना करना पड़ता है लेकिन उच्चाधिकारी तानाशाह की तरह व्यवहार करते हैं। परिवार के पालन पोषण का डर रहता है। इसलिए चुपचाप नौकरी करते हैं। बाकी 7 हजार रुपए मासिक पगार में कैसे गुजारा होता है। ये मन ही जानता है।
साप्ताहिक छ़ुट्टी भी नहीं
एंबुलेंस कार्मिक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पूर्व में साप्ताहिक अवकाश मिलता था। अवकाश न लेने के एवज में पैसा मिल जाता था। लेकिन पिछले कुछ महिनों से न तो अवकाश मिलता है और न ही पैसा। समस्या गंभीर होती जा रही है।
विभाग भी नहीं करता दखल
सरकार और निजी संस्था के बीच हुए अनुबंध में कार्मिकों के लिए कोई शर्त या नियम नहीं है। जिस कारण इन कार्मिकों को आर्थिक तौर पर काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। अनुबंध में सिर्फ मरीजों को सेवाओं को लेकर ही जोर दिया गया है। सेवा कैसे, कब देनी है, व्यवस्थाएं क्या हैं यह सभी कुछ संचालक संस्था पर है। सरकारी नकेल न होने के कारण पायलट, ईएमटी और अन्य चालकों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।
Published on:
03 Jan 2018 12:33 pm
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
