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बांसवाड़ा: दोपहर 30 बच्चे आंगनवाड़ी से घर लौटे, रात भवन धराशायी, दिन में भवन गिरता तो आफत तय थी

सरकारी स्कूल एवं आंगनवाड़ी जर्जर भवन धराशायी होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसके बाद भी बच्चों को ऐसे भवनों में बैठाया जा रहा है।

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Anganwadi building collapsed

आंगनवाड़ी जर्जर भवन धराशायी: फोटो पत्रिका

बांसवाड़ा/कलिंजरा। सरकारी स्कूल एवं आंगनवाड़ी जर्जर भवन धराशायी होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसके बाद भी बच्चों को ऐसे भवनों में बैठाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत संचालित मगरदा ग्राम पंचायत में आंगनवाड़ी भवन टोड़ी के एक कमरे व बरामदे की छत रविवार रात धराशायी हो गई।

रात में हुई घटना से बच्चों से सिर से बड़ी आफत टल गई। इसी खस्ताहाल भवन में 30 बच्चे पढ़ रहे थे, जो शनिवार दोपहर छुट्टी के बाद घर लौटे। रविवार को अवकाश था और देर रात में भवन ढह गया। घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्थाओं एवं जिम्मेदारों की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। झालवाड़ में हुई दुखंतिका से भी सबक नहीं लिया गया।

रात होने से बच गए

सुपरवाइजर रीना बारिया ने बताया कि इस आंगनवाड़ी में 30 बच्चे पढ़ते हैं। हादसा रात में होने से इन बच्चों की जान बच गई। सोमवार सुबह विभाग को सूचना देकर आंगनवाड़ी केन्द्र अन्य विद्यालय में संचालित किया गया।

स्थिति सुधार की मांग

कलक्टर एवं माहिला एवं बाल विकास विभाग से आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थितियों को सुधारने की मांग की है।
मणि देवी, सरंपच


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