
बांसवाड़ा. पक्षियों का भी एक खूबसूरत संसार है। उनके तरह तरह के रंग देखकर ही हर कोई हैरत में था फिर अलग , अलग तरह के पैर और चोंच और छोटे से लेकर बड़ा आकार, फिर उनके अलग अलग सुर के तो कहने ही क्या। ये सब जब एक जगह आंखों के सामने आए तो भला किसका दिल बाग बाग न होता।

पक्षी पानी में अठखेलियां कर रहे थे, लेकिन किनारे खड़े सैकड़ों विद्यार्थी खुशी से चहचहा रहे थे। फिर ये भी तो कइयों को आज ही पता चला कि कोयल गाती नहंीं गाता है। मेल पक्षी सुंदर होता है फिमेल पक्षी नहीं। कुछ ऐसे ही रौचक तथ्य जानकर भी बच्चे हैरत में पड़ गए।

सोमवार को कुछ ऐसा ही नजारा था बांसवाड़ा बर्ड फेस्टीवल में कूपड़ा तालाब पर। करीब दो हजार विद्यार्थियों के साथ ग्रामीणों व शहरवासियों ने भी इस आयोजन का लाभ उठाया। देश-प्रदेश के पक्षी विशेषज्ञ व पर्यावरणप्रेमी शामिल हुए। उद्घाटन राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने किया।

इस दौरान कई दुर्लभ प्रजातियों के पद्वाी दिखे। उदयपुर एवं अजमेर के पक्षी विशेषज्ञ विनय दवे एवं डा विवेक शर्मा ने बताया कि कूपड़ा तालाब पर रायनेक पक्षी को बहुत समय बाद देखा गया। यह प्रवासी पक्षी सर्दी की शुरुआत में आता है और आमतौर पर सहज नहीं दिखाई देता है।

इसके साथ ही पहली बार यहां पर ग्रे लेग गूज का भी पांच का समूह देखकर पक्षी विशेषज्ञ आह्लादित हो उठे। यहां पर लिटिल कोरमोरेन्ट, रेट वेटेड लेपविंग, रेड शेंक, रीवर टर्न, विस्कर्ड टर्न, कॉमन कूट, कॉमन मोरहेन, पर्पल स्वामफेन, पीसेन्ट टेल जेकाना, कॉटन पीग्मी गूज, ग्रे लेग गूज, मार्श हेरियर, क्रेस्टल सहित तीस से अधिक प्रजाति के पक्षी देखकर देख छात्र/छात्राएं रोमांचित हो उठीं। तालाब में विचरण करते पक्षियों को देखने के लिए बायनोकूलर्स और स्पोटिंग स्कॉप के माध्यम से म्मेदसिंह चुण्डावत,डा एसपी मेहरा, डा सरिता मेहरा, समाराम देवासी, अभिनव मिश्रा, सुमित बेरी, पुलकित टांक, प्रकाश विजय, उज्जवल दाधीच, प्रदीप सुखवाल, उत्तम पेगु, विजेन्द्र परमार, जी के तिवारी, एस पालीवाल, महेन्द्र पाठक, दिनेश जैन उपस्थित थे।

बर्डवॉचिंग स्थल पर पक्षियों से संबंधित क्विज और पेंटिंग प्रतियोगिता हुई। साथ ही बच्चों के चेहरों पर टेटू आर्टिस्ट निर्मल यादव, जगदीश मेनारिया व दुर्षित भास्कर ने फेस पेंटिंग की। प्रदर्शनी स्थल पर उदयपुर की डाक टिकट संग्रहकर्ता पुष्पा खमेसरा की ओर से 249 से अधिक देशों द्वारा जारी किए गए 5000 से अधिक डाक टिकटों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में तितलियों पर शोध कर रहे मुकेश पंवार ने होस्ट प्लांट पर अण्डे, लार्वा व प्यूपा का लाइव प्रदर्शन किया।

संयोजक कमलेश शर्मा ने अतिथियों को प्रदर्शनी का अवलोकन कराया, वहीं जिला कलक्टर भगवती प्रसाद, पर्यटन उन्नयन समिति संरक्षक जगमाल सिंह, हेमांग जोशी, मुजफ्फ र अली, स्काउट सीओ दीपेश शर्मा ने सहयोग किया।