
बांसवाड़ा. गर्दन में लकड़ी घुसने से घायल युवक का इलाज करते चिकित्सक। फोटो पत्रिका
Banswara : बांसवाड़ा के घाटोल थाना क्षेत्र के गरनावट गांव में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पेड़ से सूखी लकड़ी काट रहा एक युवक डाल से गिर गया। इस दौरान एक सूखी लकड़ी युवक की गर्दन में घुस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए एमजी अस्पताल लगाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर कर दिया। गरनावट निवासी तोलाराम पुत्र हुरजी निनामा अपने घर के पास पेड़ पर चढ़कर सूखी लकड़ियां काट रहा था।
तोलाराम जिस पेड़ की डाल पर बैठकर लकड़ी काट रहा था, वह अचानक टूट गई। डाल टूटते ही तोलाराम संतुलन खो बैठा और लकड़ी के साथ नीचे गिर गया। नीचे गिरते समय टूटी हुई लकड़ी का एक नुकीला हिस्सा तोलाराम की गर्दन में जा घुसा। हादसे में वह गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया और मौके पर ही दर्द से तड़पने लगा। तोलाराम की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद परिजन और ग्रामीण पहुंचे।
उन्होंने तुरंत तोलाराम को इलाज के लिए एमजी हॉस्पिटल पहुंचाया। हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने घायल का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन गर्दन में गंभीर चोट और लगातार हो रहे रक्तस्राव को देखते हुए उसे उदयपुर रेफर किया गया। घायल तोलाराम के भतीजे ओमप्रकाश निनामा ने बताया कि गर्दन में लकड़ी घुसने से उसे अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोट आई है। उदयपुर में फिलहाल उसका इलाज जारी है।
बांसवाड़ा जिले में बुधवार को चलती बाइक पर नीलगिरी का पेड़ गिर गया। हादसे में मासूम बच्ची घायल हो गई। हादसा बड़वी क्षेत्र में हुआ। उस समय भूंगड़ा से एक परिवार बाइक पर बांसवाड़ा आ रहा था। इसी दौरान नीलगिरी का एक पेड़ गिर पड़ा। पेड़ गिरने से बाइक अनियंत्रित हो गई और हादसे में बाइक पर सवार सोफिया पुत्री ईशार गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसके माता-पिता बाल-बाल बच गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद कर घायल बच्ची को महात्मा गांधी जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्ची का उपचार किया और उसके सिर पर 10 टांके लगाए गए।
बांसवाड़ा. राजस्थान पंचायत शिक्षक विद्यालय सहायक संघ के बैनर तले संविदा कर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर शहर में चेतावनी रैली निकाली। तेज गर्मी के बावजूद जिले भर से जुटे पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों ने भारतमाता मंदिर से कलक्ट्रेट तक नारेबाजी करते हुए मार्च किया और मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
संविदा कर्मियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि वे पिछले 18 वर्षों से पूर्व में विद्यार्थी मित्र व ग्राम पंचायत सहायक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। भाजपा ने अपने संकल्प-पत्र में संविदा कर्मियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का वादा किया था, लेकिन ढाई साल बाद भी राहत नहीं मिली।
Updated on:
5 Jun 2026, 9:51 AM IST
Published on:
5 Jun 2026, 9:51 AM IST
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