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बांसवाड़ा में अंधड़ ने उजाड़ी ‘आम’ की फसल, तेज हवा से पेड़ों से गिरकर 40% फसल बर्बाद

Mango Crop Damage: बांसवाड़ा जिले में बीते दिनों आए तेज अंधड़-बारिश से आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जिले में करीब 40 से 50 प्रतिशत कच्चे आम हवा के चलते पेड़ों से टूटकर गिर गए। इनमें से आधे आम अपरिपक्व और छोटे हैं, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।

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Banswara Mango Crop Damage

Photo: Patrika

Mango Crop Damage: बांसवाड़ा जिले में बीते दिनों आए तेज अंधड़-बारिश से आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जिले में करीब 40 से 50 प्रतिशत कच्चे आम हवा के चलते पेड़ों से टूटकर गिर गए। इनमें से आधे आम अपरिपक्व और छोटे हैं, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। अमूमन हर बार जून के मध्य माह तक मानसून सक्रिय होता है। इस बार अनुमान से पहले आए अंधड़ से जिले के 40 से 50 प्रतिशत आम पेड़ से टूटकर गिर गए। किसानों को अंधड़ के कारण भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

3200 ​हैक्टेयर में फसल

जिले में करीब 3200 हैक्टेयर क्षेत्र में आम के पौधे लगे हैं। ऑफ ईयर होने के चलते आम की पैदावार भी कम हैं और आम के झड़ने से पैदावार 50 प्रतिशत ही रह गई है। जिले में देशी सहित कलमी, दशहरी, मल्लिका, लंगड़ा और केसर, आम्रपाली आम की प्रमुख किस्में हैं। आमों के गिरने से इनमें कई में कट लग गया है तो कुछ पानी से गलकर दागदार हो गए हैं। आम यदि टूटकर नहीं गिरता तो आने वाले दिनों में और बड़ा होता, जिससे उसका वजन भी बढ़ता और किसानों को मंडी में भी अच्छा दाम मिलते।

कृषि अनुसंधान केंद्र में 65 से 70 क्विंटल आम गिरे

कृषि अनुसंधान केंद्र के संभागीय निदेशक डाॅ. हरगिलास मीणा के अनुसार इस बार बोरवट के 6 हैक्टेयर में आम के पौधे लगाए गए। यहां लगे बगीचों में हर साल करीब 200 से 250 क्विंटल उत्पादन हो रहा है। तेज हवाओं के चलते यहां भी करीब 65 से 70 क्विंटल आम टूटकर गिर गए हैं। इसके चलते आम का टेंडर लेने वाले ठेकेदार को भी नुकसान हुआ है। ठेकेदार शाहनबाज के अनुसार करीब 200 कैरेट आम टूटकर गिरे हैं, जिनका वजन 65 से 70 क्विंटल है।

49 प्रकार की लगाई थी वैराटियां

कृषि अनुसंधान केंद्र में इस बार कुल 10 हैक्टेयर में 49 प्रकार की वैराटियाें के पौधे लगाए हैं। इनमें दस मुख्य प्रजातियों के आम के पेड़ अधिक हैं। इनमें बॉम्बे ग्रीन, चौसा, दशहरी, लंगड़ा, केसर, मल्लिका, नीलम, बजरंग आदि प्रजातियाें पर आम आ रहे हैं।

आंकड़ों पर एक नजर

  • 3200 हैक्टेयर जिले में आम का एरिया
  • 40 से 50 प्रतिशत आम हवा से गिर गए हैं।
  • 50 प्रतिशत उत्पादन ही इस बार हुआ है।
  • 40 से 50 रुपए किलो कच्चे आम का भाव
  • 80 से 100 रुपए किलो पके आम का भाव

50 प्रतिशत तक नुकसान

आम के पेड़ पर सीजन में साल में एक बार अधिक आम आते हैं, जिसे ऑन ईयर कहते हैं और दूसरी साल कम आम आते हैं, जिसे ऑफ ईयर कहते हैं। इस बार ऑफ ईयर के चलते पैदावार भी कम थी और तेज हवाओं से 40 से 50 प्रतिशत आम भी समय से पहले टूटकर गिर गया है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
दल सिंह गरासिया, निदेशक उद्यान, बांसवाड़ा