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बांसवाड़ा.जीजीटीयू का प्रयोग: भूगोल प्रायोगिक परीक्षा तीनों जिलों में अब एक साथ

बांसवाड़ा. गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त बांसवाड़ा, डंूगरपुर व प्रतागपढ़ जिले में संचालित सभी कॉलेज में प्रथम वर्ष कला भूगोल प्रायोगिक लिखित परीक्षा एक साथ होगी। इसके लिए अलग से टाइम टेबल जारी करने के साथ ही प्रश्न पत्र भी विश्वविद्यालय द्वारा ही तैयार करवाया गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन एवं कुलपति की सहमति के बाद परीक्षा नियंत्रण ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह परीक्षा 17 फरवरी 2020 को सुबह 11 से 1 बजे तक सभी संबद्धता प्राप्त कॉलेजों में एक साथ आयोजित होगी।
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बांसवाड़ा

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Yogesh Kumar Sharma

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Updated: 10 Feb 2020, 12:19 AM IST

बांसवाड़ा.जीजीटीयू का प्रयोग: भूगोल प्रायोगिक परीक्षा तीनों जिलों में अब एक साथ

बांसवाड़ा.जीजीटीयू का प्रयोग: भूगोल प्रायोगिक परीक्षा तीनों जिलों में अब एक साथ

बांसवाड़ा. गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त बांसवाड़ा, डंूगरपुर व प्रतागपढ़ जिले में संचालित सभी कॉलेज में प्रथम वर्ष कला भूगोल प्रायोगिक लिखित परीक्षा एक साथ होगी। इसके लिए अलग से टाइम टेबल जारी करने के साथ ही प्रश्न पत्र भी विश्वविद्यालय द्वारा ही तैयार करवाया गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन एवं कुलपति की सहमति के बाद परीक्षा नियंत्रण ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह परीक्षा 17 फरवरी 2020 को सुबह 11 से 1 बजे तक सभी संबद्धता प्राप्त कॉलेजों में एक साथ आयोजित होगी। विवि प्रशासन का तर्क है कि विद्यार्थियों में प्रायोगिक परीक्षा के प्रति रुझान और गंभीरता बढ़ाने के लिए यह नवाचार किया जा रहा है।
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....पहले ये थी व्यवस्था
इससे पूर्व भूगोल प्रायोगिक का लिखित पेपर कॉलेज द्वारा ही आयोजित किया जाता था। प्रश्न पत्र तैयार करने के लेकर परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी कॉलेज पर ही थी। ऐसे में प्रायोगिक परीक्षा में घालमेल की आशंका के साथ ही
विद्यार्थी भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे थे। वहीं प्रायोगिक परीक्षा में मनमर्जी से अंक लुटाने के भी स्थितियां थी। ऐसे में तमाम आशंकाओं को खत्म करते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर यह बदलाव किया गया है।

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