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नौ विमंदित बच्चों को भेजा जयपुर

बांसवाड़ा. राधास्वामी महिला मंडल सोसायटी, जयपुर की ओर से बांसवाड़ा में संचालित मानसिक विमंदित पुनर्वास गृह में तीन विमंदित बच्चों की मौतों के बाद हरकत में आए प्रशासन और सामाजिक न्याय एवं बाल अधिकारिता और चिकित्सा विभाग की जांच में 9 गंभीर बच्चों को उपचार के लिए भेजने योग्य जाने के बाद गुरुवार को इन्हें राजकीय मानसिक विमंदित गृह, जामडोली, जयपुर भेज दिया गया।

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नौ विमंदित बच्चों को भेजा जयपुर

नौ विमंदित बच्चों को भेजा जयपुर

गुरुवार को पुनर्वास गृह से गंभीर अवस्था वाले नौ बच्चों को तीन एम्बुलैंस के माध्यम से जयपुर रवाना किया गया। इस दौरान अतिरिक्त निदेशक विशेष योग्यजन अशोक जांगिड़, जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष दिलीप रोकडिया, सदस्य राजेश आमाेस, पूर्व सदस्य मधुसूदन व्यास, सामाजिक न्याय एवं बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक हिमांगी निनामा व पुनीत रावल आदि मौजूद रहे। वहीं अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश व विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश रामावत ने बांसवाड़ा में संचालित पुनर्वास गृह का निरीक्षण किया।यह था मामला

गौरतलब है कि गत 22 मई को उदयपुर से भेजे 24 बच्चों में से 12 सेलेरब्रल पॉल्सी रोगी थे। उमेश की 3, रवि सेन की 7 और शुभम की 20 जून को मौत हो गई थी। वहीं चार बच्चों को महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने जिला कलक्टर को गंभीरता से अवगत कराया। इसके बाद जामडोली स्थित मानसिक विमंदित गृह के अधीक्षक को पत्र भेजकर इन बच्चों को प्रवेश देने को कहा, जिसके बाद गुरुवार को नौ बच्चों को जयपुर भेजा गया।

उदासीनता पर जताया रोष
-एंटी क्राइम एंड करप्शन स्क्वाड ऑर्गेनाइजेशन ने दिया ज्ञापन

-उठाई संस्था की गतिविधियों की जांच और बच्चे शिफ्ट कराने की मांग

उदासीनता पर असंतोष

राधास्वामी महिला मंडल द्वारा संचालित मानसिक विमंदित गृह में बच्चों की मौत को लेकर एंटी क्राइम एंड करप्शन स्क्वाड ऑर्गेनाइजेशन ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर विभागीय उदासीनता पर असंतोष जताया। संस्था के उपाध्यक्ष निमेश मेहता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलक्टर प्रकाशचंद्र शर्मा से मिलकर बताया कि मानसिक विमंदित गृह जिस भवन में चल रहा है, वहां एक अन्य संस्था भी चल रही है। यहां बच्चों के सोने की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। संस्था के मालिक जयपुर में बैठे हैं और यहां व्यवस्था और बच्चों को स्टाफ के भरोसे छोड़ा हुआ है। प्रतिमाह जिला बाल कल्याण समिति व न्याय अधिकारिता विभाग के अधिकारी भी निरीक्षण कर रहे थे, लेकिन वे भी मौजूदा हालात की अनदेखी कर रहे हैं। इसे मासूमों के साथ खिलवाड़ बताते हुए संस्था ने कमेटी गठित कर मानसिक विमंदित गृह के संबंध में जांच कराने और यहां रह रहे बच्चों को जयपुर शिफ्ट कराने का आग्रह किया। इस पर कलक्टर शर्मा ने बताया कि इस बारे में सचिव से बात की है। जल्द ही बच्चों को शिफ्ट कराया जाएगा। उन्होंने जांच का भरोसा भी दिलाया।


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