
नगरीय निकायों के अर्थतंत्र को मिली मजबूती
बांसवाड़ा सहित प्रदेश के अधिकांश निकायों की आर्थिक हालात बेहतर नहीं है। हालात यह हैं कि चुंगी पुनर्भरण राशि के बाद भी स्थायी कर्मचारियों के मासिक वेतन का नियमित भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसके चलते कर्मचारियों को दो से तीन माह की अवधि में एक बार वेतन मिल रहा है, वहीं उनके पीएफ आदि की राशि जमा कराने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि बांसवाड़ा में चुंगी पुनर्भरण की एवज में राज्य सरकार की ओर से प्रतिमाह एक करोड़ चार लाख से अधिक राशि प्राप्त होती है, जबकि वेतन भुगतान आदि के लिए करीब एक करोड़ 90 लाख रुपए से अधिक की आवश्यकता होती है।
यों मिली राहत
स्वायत्त शासन विभाग ने 21 अक्टूबर को स्थानीय निकाय विभाग के यूनिफाईड निजी निक्षेप खाते में जमा राशि से अक्टूबर के लिए कार्मिकों के वेतन भत्तों के भुगतान के लिए 158 करोड़ 26 लाख दो हजार रुपए की साख सीमा संचालन पोर्टल पर निकायों को नवम्बर तक की अवधि के लिए जारी की थी। संचालन पोर्टल में तकनीकी समस्या होने से राशि का व्यय किया जाना सम्भव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में साख सीमा के लिए जारी स्वीकृति आदेश को निरस्त कर चुंगी पुनर्भरण अनुदान के अन्तर्गत कार्मिकों के माह अक्टूबर के वेतन भत्तों के समायोजन के लिए उक्त राशि निकायों के निजी निक्षेप खातों में राशि हस्तान्तरण की स्वीकृति देकर बड़ी राहत दी है।
इनका कहना है
राज्य सरकार व विभाग के राशि हस्तांतरण के निर्णय से स्थायी कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रमुख समस्या का काफी हद तक समाधान हुआ है। इससे प्रतिमाह वेतन के लिए अतिरिक्त राशि की व्यवस्था करने की दिक्कत दूर होगी और बचत राशि का उपयोग नगर के विकास कार्य में किया जा सकेगा।जैनेन्द्र त्रिवेदी,
सभापति, नगर परिषद, बांसवाड़ा।
Published on:
09 Nov 2022 06:03 am
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
