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बांसवाड़ा

सम्मेद शिखर बचाने जैन समाज का वृहद प्रदर्शन, दिखाई एकता

बांसवाड़ा. झारखंड में श्री सम्मेद शिखर बचाओ आंदोलन के समर्थन में रविवार को बांसवाड़ा के सकल जैन समाज ने एकजुटता दिखाते हुए जिला मुख्यालय पर वृहद प्रदर्शन किया। रैली में हजारों समाजजनों ने पारसनाथ पर्वतराज को इको सेंसिटिव जोन के अन्तर्गत लेकर पर्यटन मास्टर प्लान में सम्मिलित करने का विरोध किया। साथ ही केंद्रीय वन मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना को निरस्त करने की मांग उठाई।

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बांसवाड़ा. झारखंड में श्री सम्मेद शिखर बचाओ आंदोलन के समर्थन में रविवार को बांसवाड़ा के सकल जैन समाज ने एकजुटता दिखाते हुए जिला मुख्यालय पर वृहद प्रदर्शन किया। रैली में हजारों समाजजनों ने पारसनाथ पर्वतराज को इको सेंसिटिव जोन के अन्तर्गत लेकर पर्यटन मास्टर प्लान में सम्मिलित करने का विरोध किया। साथ ही केंद्रीय वन मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना को निरस्त करने की मांग उठाई।

विश्व जैन संगठन के आह्वान पर हुई रैली में पुरुष श्वेत तथा महिलाएं केसरिया वस्त्र पहनकर धर्म ध्वजाएं लिए सम्मिलित हुईं। हजारों समाजजनों के सडक़ पर उतरने से मौन रैली नहीं हो पाई और रास्तेभर समाजजनों ने नारेबाजी की। रैली की खास बात यह थी कि इसमें दिगंबर-श्वेतांबर जैन समाजजन साथ रहे। रैली का एक सिरा भीतरी शहर होते हुए पाला रोड सब्जी मंडी तक पहुंचा, तब आखिरी सिरा कुशलबाग मैदान से रवानगी करता दिखा। प्रदर्शन के दौरान शहर के दोनों थानों के अधिकारी और पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में जुटे रहे।

बंद रखीं दुकानें, कुशलबाग में जुटे समर्थक

इससे पहले जैन समाजजन झारखंड सरकार के निर्णय के खिलाफ अपनी दुकान-प्रतिष्ठान बंद रखते हुए कुशलगढ़ मैदान में सुबह दस बजे से एकत्र होना शुरू हुए। इसके बाद बैनर-तख्तियां और धर्मध्वजाएं लिए रैली के रूप में गांधी मूर्ति, पीपली चौक, आजाद चौक, जामा मस्जिद, पाला, नई आबादी होते हुए कलक्ट्री गेट पहुंचे। यहां नारेबाजी व प्रदर्शन के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, झारखंड के मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय सांसद के नाम ज्ञापन सौंपकर दखल की मांग की। साथ ही चेताया कि झारखंड सरकार अगर निर्णय वापस नहीं लेती है तो जैन समाज की ओर से आंदोलन तेज किया जाएगा।

इसलिए है सकल समाज में गुस्सा

झारखंड के सम्मेद शिखर जैन तीर्थंकरों और संतों का मोक्ष स्थल है। जैन शास्त्रों के अनुसार इस तीर्थ भूमि वंदनीय है। इसे पर्यटन स्थल घोषित करने पर देशी-विदेशी सैलानियों की भीड़ उमडऩे पर मांस और शराब सेवन का चलन बढ़ेगा। धार्मिक स्थल की पवित्रता खतरे में पड़ेगी। विकास के नाम पर पर्वतराज पर होने वाली गतिविधियां जैन समाज को प्रभावित करेंगी।

सभी संगठन हुए शामिल

रैली में दिगम्बर जैन समाज बांसवाड़ा शहर की तमाम कॉलोनियां, दशा नरसिंहपुरा दिगम्बर जैन समाज, मुनि संघ सेवा समिति, जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ, सेठिया समाज, दिशा नागदा जैन समाज के साथ जिलेभर के समाज के 51 संगठनों से जुड़े महिला-पुरुष, युवा और बच्चे सम्मिलित हुए।