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बांसवाड़ा

यह कैसी परीक्षा, असाक्षरों की जगह विद्यार्थियों व कार्मिकों ने हल किया पर्चा

बांसवाड़ा/घाटोल. नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत रविवार को आयोजित मूल्यांकन का कई जगह मखौल उड़ता दिखा। असाक्षरों की जगह मूल्यांकन के लिए दी गई पुस्तिकाओं में उत्तर स्कूली विद्यार्थी और साक्षरों के अतिरिक्त कुछ स्थानों पर वीक्षक स्वयं लिखते नजर आए। इससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा हो गया है। कुछ जगह असाक्षरों ने भी अपनी परख के प्रति रुचि दिखाई।

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बांसवाड़ा/घाटोल. नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत रविवार को आयोजित मूल्यांकन का कई जगह मखौल उड़ता दिखा। असाक्षरों की जगह मूल्यांकन के लिए दी गई पुस्तिकाओं में उत्तर स्कूली विद्यार्थी और साक्षरों के अतिरिक्त कुछ स्थानों पर वीक्षक स्वयं लिखते नजर आए। इससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा हो गया है। कुछ जगह असाक्षरों ने भी अपनी परख के प्रति रुचि दिखाई।

नवभारत साक्षरता अभियान के अन्तर्गत जिले में 15 वर्ष और इससे अधिक आयु के असाक्षरों को चिह्नित करने के बाद उन्हें पढ़ना-लिखना सिखाया जाना है। साक्षरता निदेशालय ने बांसवाड़ा जिले को पूर्व में 18 हजार 400 असाक्षरों को चिन्हित करने का लक्ष्य दिया था। गत फरवरी में इसे बढाकर 26 हजार कर दिया गया। इसके बाद जिले में शनिवार तक 28 हजार 400 से अधिक असाक्षरों को चिन्हित कर पोर्ट्ल पर प्रविष्ठियां अपलोड की गई। गौरतलब है कि अभियान का मुख्य लक्ष्य 15 वर्ष या इससे अधिक आयु के सात करोड़ वयस्कों को कार्यात्मक साक्षरता दिया जाना है। अभियान का पूरक लक्ष्य असाक्षर वयस्कों को बुनियादी शिक्षा एवं सम संख्यक को व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध करवाया जाना है।यहां खुली पोल

रविवार को सुबह साक्षरता मूल्यांकन कार्य की पत्रिका टीम ने टोह ली तो कई जगह घालमेल सामने आया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चिड़ियावासा में स्कूली छात्र, वीक्षक स्वयं पर्चा हल करते दिखे। यहां कक्षा 6 व 7 के छात्र-छात्राओं से बारी-बारी से पर्चा हल करवाया जा रहा था। कुछ पर्चे स्वयं शिक्षकों ने हल कर कॉपी करने के लिए असाक्षरों को सौंप रखे थे। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चंदूजी का गढ़ा में भी बच्चे व ड्यूटी पर तैनात कार्मिक ही पर्चे में लिखते नजर आए। यहां एक युवा अन्य असाक्षर की मूल्यांकन पुस्तिका से नकल करता भी दिखा, जबकि उस समय कमरे में वीक्षक भी मौजूद थे। समीप के मुंगाणा में भी ऐसी ही तस्वीर नजर आई। बांसवाड़ा ब्लॉक के सागवाडि़या में अच्छी तस्वीर भी दिखी। यहां तीन चरणों में हुई परीक्षा में असाक्षरों ने उत्साह से पर्चा दिया। पहले चरण में 45 व दूसरे चरण में 47 असाक्षरों ने पर्चा दिया। समीपवर्ती झूपेल व आसपास के राउमावि में दोपहर तक चिह्नित आसक्षर अपना मूल्यांकन कार्य जमा करा चुके थे।