बांसवाड़ा. देवझूलनी एकादशी के पर्व पर मंगलवार को श्रद्धा, आस्था व भक्ति की त्रिवेणी प्रवाहित हुई। शहर के देवालयों से राम रेवाड़ियां निकाली गई। शोभायात्रा परम्परागत मार्ग से राजतालाब पहुंची। पवित्र स्नान, पूजन-अर्चन के बाद रेवाड़ियां रात्रि तक निज मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में विभिन्न अखाड़ों के पहलवानों ने करतब दिखाकर रोमांचित कर दिया।
मंगलवार दोपहर बाद ढोल-नगाड़ों के साथ विभिन्न स्थानों से अखाड़े निकले। आजाद चौक में पहुंचने के बाद एक-एक कर अखाड़े आगे बढ़ी, वहीं देवालयों से एक-एक कर भजन-कीर्तन के साथ रामरेवाड़ियां निकलनी आरंभ हुई। इसमें श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे। श्रद्धालुओं ने फल, फूल सहित अन्य सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि की मनोकामना की।
पहलवानों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
शोभायात्रा में शहर के विभिन्न अखाड़ों के पहलवानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर रोमांचित किया। मुंह से आग उगलने, आग के गोले में कूद, आग के बीच से निकलने सहित मलखंब पर प्रस्तुति देकर लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने को विवश कर दिया। युवाओं व पहलवानों ने मुद्दर, तलवार, झांझर, लाठी, चकरी घुमाने आदि प्रदर्शन से अचंभित किया।