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Good News : सरस डेयरी के इस प्लांट में 9 साल बाद 5 गुना बढ़ेगी दूध की खरीदी, मिलेंगे छाछ और श्रीखंड जैसे उत्पाद

31 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस प्लांट के शुरू होने के बाद बांसवाड़ा डेयरी संघ बांसवाड़ा-डूंगरपुर के दूध उत्पादकों से रोजाना 50 हजार लीटर दूध खरीद सकेगा। जो अभी तक 10 हजार लीटर प्रतिदिन दिन थी। यानी की दूध उत्पादक एक ही बार में पांच गुना दूध सहजता से बेचने में सक्षम होंगे।

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Banswara News : बांसवाड़ा. बरसों से सूने पड़े बांसवाड़ा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के बांसवाड़ा प्लांट में जल्द रौनक होगी। 9 बरस 2 माह बाद एक बार फिर यहां दुग्ध विक्रेताओं की चहल कदमी बढ़ेगी। क्योंकि सब कुछ प्लान के मुताबिक चला तो अगले वर्ष मार्च से बांसवाड़ा के इस प्लांट में दूध के कई उत्पाद बनना शुरू हो जाएंगे। जो जरूरत पर बढ़ाए भी जाएंगे। इनमें दूध, घी, छाछ, श्रीखंड सहित अन्य कई उत्पाद शामिल हैं। दरअसल, बांसवाड़ा संघ के इस प्लांट में जान फूंकने और वागड़ के जनजाति क्षेत्र के दूध उत्पादकों एवं किसानों को दूध का उचित मूल्य देने, उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता एवं उचित मूल्य पर दूध एवं इससे बने उत्पादों को मुहैया कराने के उद्देश्य से प्लांट को नए सिरे से बना इसकी क्षमता वर्धन किया जा रहा है। बीते वर्ष इस प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू हो गया है। अगले वर्ष जनवरी-फरवरी में इस प्रोजेक्ट के पूरे होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

5 गुना बढ़ेगी क्षमता
31 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस प्लांट के शुरू होने के बाद बांसवाड़ा डेयरी संघ बांसवाड़ा-डूंगरपुर के दूध उत्पादकों से रोजाना 50 हजार लीटर दूध खरीद सकेगा। जो अभी तक 10 हजार लीटर प्रतिदिन दिन थी। यानी की दूध उत्पादक एक ही बार में पांच गुना दूध सहजता से बेचने में सक्षम होंगे।

यह है आंकड़ों का गणित
31 करोड़ रुपए की लगात से बनेगा प्लांट

50 हजार लीटर प्रतिदिन की होगी क्षमता

10 हजार लीटर रोज वर्तमान में खरीदा जा रहा है दूध

50 बूथ वर्तमान में हैं संचालित

75 शॉप एजेंसी है वर्तमान में

3533 लीटर है कुल दूध की बिक्री

4096 होती है घी की बिक्री (प्राप्त जानकारी के आधार पर)

9 वर्ष से प्लांट में है सन्नाटा
जानकार बताते हैं कि जनवरी 2016 में प्लांट का काम बंद है। इससे पूर्व यहां पैकिंग कार्य होता था, लेकिन आर्थिक एवं अन्य कारणों से पैकिंग का काम भी ठप करना पड़ा। इसके बाद यहां सिर्फ कूलिंग सेंटर ही चला, लेकिन गांवों में बल्क मिल्क कूलर(बीएमसी) लगने के बाद दूध को ठंडा कर सीधे उदयपुर भेज दिया जाता था। इससे प्लांट का काम न के बराबर हो गया। लेकिन इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद काम में काफी तेजी आएगी।

बनेंगे सभी उत्पाद
हमारा उद्देश्य है कि सरस के सभी उत्पादों मसलन आइसक्रीम, कुल्फी, लस्सी आदि को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। हमारी उम्मीद है कि इस वर्ष निर्माण कार्य शुरू होने के बाद होली के पहले उत्पादन शुरू कर दिया जाए। प्लांट शुरू होने से दूध उत्पादकों को काफी फायदा मिलेगा। वजेंग पाटीदार, चेयरमैन, बांसवाड़ा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. बांसवाड़ा

फायदा: ताजा मिल सकेगा दूध और छाछ
बांसवाड़ा में प्लांट शुरू होने का फायदा उपभोग्ताओं को भी होगा। स्थानीय प्लांट होने से पैकिंग तारीख का दूध ही उपलब्ध हो सकेगा। जो अभी तक उपलब्ध नहीं हो रहा। ऐसे ही छाछ एवं अन्य उत्पाद भी ताजा उपलब्ध हो सकेंगे।

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