बांसवाड़ा
राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि वर्तमान में संस्कृत शिक्षा को लेकर जितनी पाठशालाएं चाहिए, उतनी नहीं है। जितनी हैं, वो भी व्यविस्थत तरीके से नहीं चल रहीं है। संस्कृत विश्वविद्यालय हैं, वो भी हम जैसी अपेक्षा करते है, उसके अनुरूप नहीं चल रहा हैं। उसे उस अनुरूप चलाना बहुत जरूरी है।राज्यपाल मिश्र बुधवार को बांसवाड़ा में गोविन्द गुरु विश्वविद्यालय की ओर से इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में वेद विज्ञान विस्तारीकरण एवं वैदिक गुरुकुल परिसर शिलान्यास के बाद संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय शास्त्र में कोई भी ऐसी चीज नहीं है, जिसका अभाव हो। ये हमें तभी प्राप्त होंगी, जब हम पढ़ेंगे। संस्कृत को पढ़ना होगा। तभी हम वेद, उपनिषद पढ़ पाएंगे। वेद व संस्कृत को बढ़ावा देने की दिशा में वेद विद्यापीठ की स्थापना महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं।
आधुनिक विज्ञान की प्रगति के सूत्र वेद विज्ञान में
राज्यपाल ने कहा कि वेद, शास्त्र व उपनिषद बहुत बड़ी चीज है। वेद विज्ञान-उपनिषद की चर्चा कर इसे जाने। आधुनिक विज्ञान की प्रगति के बहुत सारे सूत्र वेद विज्ञान में मिलेंगे। चाहे अंतरिक्ष हो या भू गर्भ। दोनों विज्ञान की दृष्टि से वैदिक शास्त्र पूर्ण है। किसी प्रकार की कोई कमी नहीं हैं। शिलान्यास कार्यक्रम से पूर्व राज्यपाल ने त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
नन्हें संस्कृत अनुरागी रहे आकर्षण का केंद्र
वेद विद्यापीठ के निदेशक डॉ महेंद्र प्रसाद ने बताया कि वेद विद्यापीठ विस्तारीकरण और वैदिक गुरुकुल परिसर निर्माण के लिए शिलान्यास कार्यक्रम पूर्णतः वैदिक मंत्रोच्चार से पंडित कीर्तिश भट्ट के मुख्य आचार्यत्व में वेद विद्यापीठ से जुड़े कर्मकांडी पंडितों के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। वेद विद्यापीठ सचिव विशेष पंड्या ने कार्यक्रम में नन्हें जनजाति विद्यार्थी आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्होंने अतिथियों का वैदिक ऋचाओं के गायन से स्वागत किया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया , कुलपति प्रो आईवी त्रिवेदी, पूर्व विधायक रमेश चंद्र पंड्या, पूर्व मंत्री भवानी जोशी सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन मौजूद रहे।