
अनुपम दीक्षित
Banswara News : बांसवाड़ा. जनजाति विभाग के तहत संचालित स्वच्छ परियोजना में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृत के यहां पर 2344 बैग 465 रुपए की दर से 10 लाख 89 हजार 960 रुपए में खरीद लिए गए। बैग की डिलेवरी स्वच्छ परियोजना को 12 मई को मिली। पर, बिल कार्यालय में 31 मार्च को ही पहुंच गया। हालांकि मामला सामने आने के बाद परियोजना अधिकारी ने वर्क ऑडर निरस्त कर दिया। पर इससे पहले ही संबंधित फर्म बैग बिकवाली पर लगने वाला जीएसटी जमा कर चुकी थी। इसलिए उसने बैग वापस लेने से इनकार कर दिया है।
अब इस मामले में परियोजना निदेशक को नोटिस देकर 7 दिन में जवाब मांगा है। स्वच्छ परियोजना निदेशक प्रभा गौतम ने उदयपुर से बांसवाड़ा स्वच्छ परियोजना कार्यालय में कार्यवाहक परियोजना अधिकारी पुनीत रावल के नाम 12 जून को नोटिस जारी किया है। इसमें कुल 10 बिंदुओं पर 7 दिन में जवाब मांगा है। इस नोटिस में कहा गया है कार्यवाहक परियोजना अधिकारी ने बिना निदेशालय की अनुमति के आचार संहिता में ही कुल 2344 बैग प्रति 465 रुपए की दर से 10 लाख 89 हजार 960 में खरीदे हैं।
साथ ही आचार संहिता में प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन कराया है। प्रशिक्षण में भी करीब 30 हजार रुपए कीमत के पैन, डायरी और फोल्डर भी क्रय किए गए हैं। निदेशक ने पत्र में लिखा है कि कार्यालय में खुला भ्रष्टाचार हो रहा है। कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को लेकर बताया गया है कि यहां पर माहौल ठीक नहीं है। बांसवाड़ा विधायक अर्जुन सिंह बामनिया की ओर से इस मामले में निदेशक को बीते दिनों सभी तथ्यों का उल्लेख करते हुए एक पत्र लिखा था। इसके बाद निदेशालय की नींद उडी है। साथ में अब निदेशालय स्तर से इस मामले को छिपाने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले बांसवाड़ा विधायक इस महकमे के मंत्री हुआ करते थे।
Published on:
15 Jun 2024 05:23 pm
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