
चेतन द्विवेदी. बांसवाड़ा. वागड़ के दामन पर वर्ष 2017 अपराध के कई ऐसे दाग छोडकऱ जा रहा है जो भुलाए नहीं जा सकेंगे। बांसवाड़ा शहर में साम्प्रदायिक दंगे कई परिवारों को ताउम्र का दर्द दे गए हैं। चेन स्नेचिंग ने पूरे साल महिलाओं की नींद ***** रखी। लुटेरे बाइक पर फर्राटे भरते आए और घर के बाहर टहलती और राह चलती महिलाओं के गले से चेनें लूट ले गए। चोरी की वारदातों में लोगों की लाखों की संपत्ति चली गई। गैंगवार में फायरिंग की घटनाओं से शहर दहला।
शंभूपुरा गांव में युवक- युवती को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने वारदात ने भी सभ्य समाज पर कालिख पोत दी, डायन का दंश भी रह रहकर सामने आया, लेकिन पुलिस का अपराधों के बारे में जो नजरिया है वह यह कि गत दो वर्षों के अपराध की तुलना में इस साल अपराध का ग्राफ घटा है और कानून व्यवस्था व सुरक्षा को लेकर पुलिस ने ज्यादा सक्रियता दिखाई है। पुलिस का कहना है कि वारदातें हुई हैं लेकिन पुलिस ने आरोपितो को जेल की सींखचों के पीछे पहुंचाने में सफलता पाई है।
पुलिस कप्तान का ये दावा
पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत के अनुसार इस साल अभी तक एक भी ऐसी वारदात नहीं बची है, जिसका पुलिस खुलासा नहीं कर पाई हो। वर्ष 2017 के अंत में लोगों को एक बेहतर पुलिसिंग भी देखने को मिली है, जिसमें अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाईयां की गई हैं। साथ में आरोपितों के सहयोगियों के खिलाफ भी सख्ती से पेश आई।
जुलूसों में हथियारों के प्रयोग पर पूर्णत पाबंदी करवाना यह पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण काम था, जिसमें सभी की मदद से सफलता मिली। इस साल औसत रूप से आईपीसी के मामले काफी कम दर्ज हुए हैं। महिला अत्याचार 50 प्रतिशत रह गया है। लूट की वारदातें बढ़ी है, लेकिन इनके चालान एवं खुलासे के साथ रिकवरी गत वर्षों की तुलना में ज्यादा हुई है।
अपराध की रोकथाम के लिए ये हुई नई पहल
- धार्मिक जुलूसों मे हथियार प्रदर्शन पर पाबंदी
- सीसीटीवी कैमरों से शहर की सुरक्षा
- अभय कमांड सेंटर की प्रक्रिया शुरू।
- खाटवाड़ा चौकी की स्थापना
- जुआघरों को बंद कराना
ये भी उपलब्धियां
- वैशाली हत्या के आरोपी की तुरंत धरपकड़
- ठीकरिया के एक बाढ़े में चौकीदार की हत्या के आरोपित की धरपकड़
- आंबापुरा में लूट के आरोपित की तुरंत गिरफ्तारी
- सोहराब हत्याकांड के खुलासे में तत्परता और आरोपितों की गिरफ्तारी
- साम्प्रदायिक दंगे में जनहानि नहीं होना
तीन वर्षों में अपराधों की तुलनात्मक स्थिति
अपराध 2015 2016 2017
हत्या -27 -38 -37
हत्या का प्रयास - 9 -10 -21
डकैती - 1 -5 -0
लूट - 26 -27 -30
अपहरण - 122 -109 -123
दुष्कर्म - 91 -141 -69
बल्वा - 34 -15 -55
नकबजनी - 42 -33 -56
चोरी - 123 -150 -150
कुल अपराध - 2598 -2206 -2121
Published on:
12 Dec 2017 09:04 pm
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