
banswara : पर्युषण पर्व के छठा दिन उत्तम संयम धर्म मनाया, सुगंध दशमी पर धूप खेवन से महके जिनालय
बांसवाड़ा.पर्युषण पर्व के छठे दिन रविवार को सुगंध दशमी जिला मुख्यालय समेत देहाती अंचल में भी जैन समाज की ओर से मनाई गई। इस दौरान धूप के खेवन से जिनालय महक उठे।
जिला मुख्यालय पर महालक्ष्मी चौक स्थित आदिनाथ मंदिर में सुबह मूलनायक आदिनाथ भगवान का पंचामृत अभिषेक का लाभ सौरभ डागरिया परिवार ने एवं शांतिधारा का लाभ राजेन्द्र सेठ परिवार ने लिया। विधान की पूजा भी की गई। शाम को सभी जैन मंदिरों में समाजजन धूप खेने के लिए आए। रात्रि को संगीतमय महाआरती का लाभ विजेन्द्र सेठ परिवार ने लिया। हुमड़ सचिव शैलेन्द्र दोसी ने बताया कि रात्रि प्रवचन में पंडित कमलेश जैन ने बताया किया। उन्होंने कहा कि पर्युषण पर्व का छठा दिन उत्तम संयम धर्म है। संयम ही जीवन का श्रृंगार है। मनुष्य संयम धारण कर सकता है। इसलिए समस्त जीवों में वह श्रेष्ठ है। जिसके जीवन में संयम नहीं, उसका जीवन बिना ब्रेक की गाड़ी जैसा है। संत-साधुओं ने संयम धारण किया और अपने वीतरागी स्वरूप में रह कर जैनागम का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर कई समाजजन थे।
कलिंजरा. कलिंजरा के आदिनाथ मंदिर परिसर में सुगंध दशमी पर सांगानेर से आए भैयाजी ने पर्व की महता बताते हुए कहा कि सुगंध की महक एवं समय-समय पर होने वाले हवनों से विश्व में अमंगलकारी कार्य नष्ट हो जाते हैं। भैयाजी के सान्निध्य में भगवान आदिनाथ का अभिषेक, परिक्रमण, दसलक्षण पूजा, सोलहकारण पूजा के आयोजन हुए। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
बडोदिया. श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर बडोदिया में दस लक्षण महापर्व पर उत्तम संयम धर्म के दिन विविध आयोजन हुए। प्रात: श्री जी का जलाभिषेक व शांतिधारा का पूण्यार्जन जयन्तिलाल शाह परिवार ने लिया दुसरी और से तलाटी परिवार द्वारा शांतिधारा की गई। जिसके उपरांत सामुहिक रूप से पूजन किया गया। पंडित रोहित शास्त्री द्वारा तत्वार्थ सुत्र का वाचन किया गया। दोपहर में सुगंध दशमी पूजन करने के साथ ही धुप चढाई गई। सांय प्रतिक्रमण के उपरांत श्रीजी की महाआरजी की गई जिसमें बडी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
खमेरा. दशलक्षण पर्व पर श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में उत्तम सयंम धर्म के दिन प्रात: भगवान चन्द्रप्रभु का पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा व पूजन किया गया। शाम को सुगंध दशमी मनाई। लाल मंदिर, शांतिनाथ मंदिर, आचार्य मंदिर पर विशेष धूप कार्यक्रम हुए। संयोजक हंसमुख जैन, नितेश बोहरा, प्रसून सिंग्रावत, शिरीष, जितेंद्र, राकेश, राजमल किकावत, मुकेश सहित चन्द्रप्रभु नवयुवक मण्डल एवं महिला मण्डल ने सहभागिता निभाई।
परतापुर. दिगम्बर जैन समाज की ओर से पसुगंध दशमी पर्व पर नेमीनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में पूजा-अर्चना, शांतिधारा व अभिषेक कर धूप चढ़ाई। आदिनाथ कॉलोनी में पं. शैलेन्द्र शास्त्री के निर्देशन में जंयतीलाल भरड़ा ने आदिनाथ भगवान की शांतिधारा एवं अनिल शाह, दिपेन्द्र जैन व अशोक बी शाह परिवार ने स्वर्ण कलश से श्रीजी की शांतिधारा की। समाजजनों ने श्रीजी के सम्मुख धूप चढ़ाकर सुगंध दशमी मनाई।
गढ़ी. गढ़ी में उत्तम संयम धर्म पूजा की गई। समाज सचिव राकेश दोसी ने बताया कि आदिनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा कर सामूहिक पूजन किया। पं. माणकलाल की स्मृति में बाबूलाल थांदला एवं सुनील मेहता गढ़ी परिवार ने पंचामृत अभिषेक व शांतिधारा की। नया मंदिर में भगवान आदिनाथ का अभिषेक पवन कुमार रोकडिय़ा परिवार ने किया। शाम को भगवान को धूप अर्पित किया गया। इस मौके पर कुंद-कुंद ज्ञान पीठ परीक्षा में भाग लेने वाले प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया।
बोरी. जैन मंदिर बोरी में श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य प्रयास प्रतिष्ठान परिवार को मिला। पं. विनोद शाह के सान्निध्य में दशलक्षण विधान पूजन एवं रात्रि में महिला मण्डल की ओर से प्रतिक्रमण, स्वाध्यायव आरती का आयोजन हुआ।
नौगामा. पर्युषण पर्व पर रविवार को उत्तम संयम दिवस मनाया। प्रात: आदिनाथ मंदिर में शांतिधारा व अभिषेक ने किया। श्रावकों ने नवदेवता पूजन, पंचमेरू पूजन, शीतलनाथ भगवान की पूजा की। दोपहर में वाग्वर सम्मेद शिखर, समवशरण मंदिर एवं आदिनाथ मंदिर में सुगंध दशमी पर धूप चढाई गई।
Published on:
08 Sept 2019 08:26 pm
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
