बांसवाड़ा : भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने मीडिया से कहा- ‘नेतृत्व के निर्णय के लिए इंतजार करना चाहिए’

Rajasthan Politics : बांसवाड़ा. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डा. सतीश पूनिया ने कहा है कि आने वाले चुनाव में नेतृत्व का निर्णय पार्टी आलाकमान और केंद्रीय संसदीय बोर्ड करेगा। तब तक इंतजार करना चाहिए और कार्यकर्ताओं को भी किसी प्रकार की जल्दबाजी व व्यक्तिगत संगठन से परहेज करना चाहिए। डा. पूनिया ने यह बात रविवार को बांसवाड़ा यात्रा के दौरान कही।

By: Varun Bhatt

Updated: 20 Jun 2021, 07:42 PM IST

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थन में गठित किए जा रहे संगठनों और कुछ नेताओं की ओर से बयानबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की चर्चाएं हैं, उसमें बहुत ज्यादा नहीं कहना है। भाजपा इतनी बड़ी पार्टी है कि घाटे-नफे की बात नहीं करती है। पार्टी अपने आप में बड़ा संगठन है। जिसे राजनीति, सेवा व काम करना है, उसके लिए इतना बड़ा संगठन पर्याप्त है। जनसंघ के जमाने से पुराने कार्यकर्ताओं के संघर्ष और खून-पसीने से पार्टी खड़ी हुई है। इसी कारण तीन से 303 तक पहुंचे है। हमारे यहां पार्टी का विधान, कार्यप्रणाली, झंडा व चुनाव चिह्न है, जिसका सब अनुसरण करते हैं।
कांगे्रस एक वंश के पीछे सिमटी
पूनिया ने कहा कि देश का लोकतंत्र पार्टी व विचारों से चलता है। कांगे्रस एक वंश के पीछे सिमट कर रह गई। इसी कारण लोगों का भरोसा उससे उठ गया। भ्रष्टाचार, अराजकता, जातिवाद के आरोप कांगे्रस पर लगे। कश्मीर से कन्याकुमारी तक कांगे्रस सिमट गई, भाजपा बढ़ती चली गई। भाजपा विचारधारा की पार्टी है, देश में बड़े मुद्दों का कांगे्रस ने समाधान नहीं किया। वाजपेयी सरकार के आने के बाद बदलाव की शुरुआत हुई। पीएमजीएसवाई में गांवों में सडक़े बनी। कांगे्रस ने क्यों यह काम नहीं किया? आज 40 करोड़ से अधिक जनधन के खाते मोदी राज में खुले हैं। किसान सम्मान निधि मिल रही है। बुनियादी विकास व वैचारिक मुदें का विकास भाजपा व मोदी के खाते में है।
सरकार नैतिक रूप से कमजोर व विफल
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कुछ ही राज्यों में कांगे्रस की सरकार है। राजस्थान बड़ा प्रदेश है, लेकिन ढाई साल में देखा कि 42 दिन बाड़ाबंदी रही। पूरी सरकार बंधक हो गई। कहीं ऐसा नहीं सुना कि किसी पार्टी के अध्यक्ष को बर्खास्त करना पड़े। उप मुख्यमंत्री को बर्खास्त करना पड़े। राजस्थान में कांगे्रस के अन्तर्कलह के कारण यह दृश्य उत्पन्न हुआ। कोरोना में कुप्रबंधन रहा। मरीजों को अस्पताल के दरवााजों पर मरने के लिए छोड़ दिया। चिकित्सा महकमा राज्य सूची का विषय है, लेकिन नर्सेज, डॉक्टर भर्ती नहीं किए। स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की। कालाबाजारी हावी रही। अस्पतालों के बिस्तर तक दलालों के हाथों बिक गए। सर्वाधिक अपराध राजस्थान में हो रहे हैं। दलित-महिलाओं पर अत्याचार हुए। बेरोजगार आंदोलनरत है। कांगे्रस पार्टी व सरकार पूरी तरह हर मोर्चे पर विफल है। सरकार नैतिक रूप से कमजोर हो चुकी है।
भविष्य लंबा नहीं
पूनिया ने कहा कि राज्य सरकार को गिराने के प्रयास के आरोप भाजपा पर लगाए जाते हैं। उन्होंने सवाल करते हुए पूछ कि क्या हेमाराम को भाजपा ने धरने पर बिठाया। क्या इस्तीफे के लिए हमने कहा था। क्या हमारे कहने पर पूर्व भरतसिंह चि_ी लिखते हैं। उनके विधायक मंत्री बयान देते हैं, हम थोड़े कहते हैं। कमजोर पार्टी व सरकार प्रदेश का अहित कर रही है। जिस तरीके से बसपा व निर्दलीय को मर्ज किया, ऐसी सरकारों का भविष्य अधिक लंबा नहीं होता है।
मर्यादा आवश्यक
कुशलगढ़ विधायक रमीला खडिय़ा की ओर से हेड कांस्टेबल को थप्पड़ मारने के प्रकरण में उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को संवेदनशील होकर मर्यादा में रहकर काम करने की आवश्यकता है। इस लिहाज से पुलिस भी हमारे समाज का हिस्सा है। जनप्रतिनिधियों व पुलिस प्रशासन के बीच सद्भाव रहने से काफी चीजें ठीक हो सकती है। घटना से पूरी तरह वाकिफ नहीं हूं, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। यात्रा के संबंध में कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में प्रदेश में पार्टी के कई प्रतिनिधि व कार्यकर्ता दिवंगत हुए। छह सौ प्रमुख कार्यकर्ताओं को खोया है। प्रदेश अध्यक्ष के नाते उनके परिवारों को ढांढस बंधाने व संवेदना व्यक्त करने के दायित्व को निभाने आया हूं।

Show More
Varun Bhatt
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned