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बांसवाड़ा : प्रधानमंत्री बीमा राशि के लिए रिश्वतखोरी, बैंक प्रबंधक गिरफ्तार

ACB Raid In Banswara : बांसवाड़ा के नवागांव यूनियन बैंक शाखा में एसीबी की कार्रवाई, अस्थायी कर्मचारी के जरिए ली रिश्वत राशि, फिर भाग छूटा, घर पर तलाशी के दौरान हुई 15 हजार रुपए की बरामदगी

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बांसवाड़ा : प्रधानमंत्री बीमा राशि के लिए रिश्वतखोरी, बैंक प्रबंधक गिरफ्तार

बांसवाड़ा : प्रधानमंत्री बीमा राशि के लिए रिश्वतखोरी, बैंक प्रबंधक गिरफ्तार

बांसवाड़ा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की उदयपुर से आई टीम ने सोमवार को शहर के करीब नवागांव में बड़ी कार्रवाई कर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को 15 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। प्रधानमंत्री बीमा योजना में स्वीकृत राशि दिलाने के नाम पर मांगी गई रिश्वत राशि प्रबंधक ने अस्थायी कर्मचारी को दिलवा दी थी। ब्यूरो के शिकंजे से हालांकि अस्थायी कर्मचारी भाग निकलने में सफल रहा, लेकिन उसके घर से रिश्वत राशि और प्रबंधक की बाइक बरामद कर ली गई।
ब्यूरो के एएसपी उमेश ओझा के नेतृत्व में ट्रेप कार्रवाई दोपहर बाद की गई। इसके लिए परिवारी गणाऊ निवासी प्रभु डिंडोर को जब ब्यूरो टीम ने रंग लगे नोट देकर बैंक में भेजा, तो शातिर प्रबंधक जीतेंद्र सांखला ने नकदी खुद नहीं ली और बैंक में लगाए अस्थायी सफाईकर्मी नरेश कटारा को देने को कहा। इसके लिए कटारा बैंक से बाहर निकला और सांखला की बाइक पर प्रभु को बैठाकर गांव के बाहर ले गया और रास्ते में नकदी लेकर वापस उसे बैंक छोड़ दिया। इस बीच कोई संकेत नहीं मिलने पर ब्यूरो टीम ने उससे पूछा, तो मालूम हुआ कि नरेश बाइक लेकर बैंक से कुछ ही दूर अपने घर पर गया है। इस पर टीम पहुंचती, उससे पहले बाइक और नकदी घर पर रखकर नरेश निकल चुका था। टीम ने घर की तलाशी तो वहां एक कमरे में रिश्वत राशि बरामद हो गई। इस पर वापसी कर पूछताछ के बाद बैंक के शाखा प्रबंधक सांखला को धर लिया गया। इसके बाद नरेश की तलाश जारी रही।

खाते में डाल दिए 2 लाख, नहीं होने दे रहा निकासी

मामले में परिवादी प्रभु डिंडोर ने बताया कि उसके छोटे भाई सोहन का खाता यूनियन बैंक में है। सोहन की मौत पर प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत दो लाख रुपए राशि उसकी पत्नी ललिता को मिलनी थी। इसके लिए प्रबंधक सांखला ने 25 हजार रुपए मांगे। नौ हजार रुपए वह दे चुका है, लेकिन अब 15 हजार रुपए और मांग रहा है। इसके लिए उसने बार-बार घर आकर धमकाया और राशि नहीं देने पर खाते से लेन-देन रोक दिया। इस पर उसने 25 जून को ब्यूरो में शिकायत की, तो उसी दिन सत्यापन किया गया। इसमें मामला सही पाया गया, तो टीम ने सोमवार को ट्रेप कार्रवाई प्लान कर अंजाम दी।

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