बांसवाड़ा. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा दसवीं की परीक्षा का परिणाम गुरुवार को घोषित होने के बाद सफल परीक्षार्थियों के चेहरे खिल उठे। अपनी मेहनत के अनुरूप परिणाम की प्राप्ति पर प्रफुल्लित विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता, बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया और उनके मार्गदर्शन में निर्धारित किए लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए।
जिले में दसवीं बोर्ड परिणाम 90.73 प्रतिशत रहा। यह गत वर्ष के मुकाबले 7.76 प्रतिशत अधिक है। इस बार परीक्षा में 29 हजार 3 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिसमें 14 हजार 72 छात्र तथा 14 हजार 278 छात्राएं रहीं। परीक्षा में 14 हजार 19 छात्र व 13 हजार 751 छात्राओं सहित 27 हजार 770 विद्यार्थी प्रविष्ट हुए। इसमें 12 हजार 657 छात्र तथा 12 हजार 340 छात्राएं उत्तीर्ण हुई। छात्रों की सफलता का प्रतिशत 90.28 तथा छात्राओं की सफलता का प्रतिशत 91.19 रहा। परीक्षा में 3599 छात्र प्रथम, 6447 द्वितीय व 2611 तृतीय रहे। वहीं 3855 छात्राएं प्रथम, 6290 द्वितीय व 2395 तृतीय रहीं। जिले में सफल रहे 25 हजार 197 विद्यार्थियों में से 7454 प्रथम, 12 हजार 737 द्वितीय व 5006 तृतीय रहे।
बागीदौरा ब्लॉक का परिणाम 92.38 फीसदी
बागीदौरा ब्लॉक का दसवीं का परिणाम 92.38 प्रतिशत रहा। 1 जुलाई 22 से 16 फरवरी 23 तक 157 कार्य दिवस में तीन परख, अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के साथ ही प्री बोर्ड परीक्षा आयोजन किया। एसीबीईओ नीरज दोसी ने बताया कि सीबीईओ कार्यालय की ओर से गणित, विज्ञान, अंग्रेजी के विषयाध्यापक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें विषय विशेषज्ञों ने बोर्ड ब्लू प्रिंट आधारित ज्ञान, अवबोध, ज्ञानोपयोग व कौशल आधारित विषय प्रशिक्षण के बाद अधिगम सामग्री का सरलीकरण कर प्रत्येक विद्यालय में इकाई अनुसार टेस्ट लिए। कमजोर विद्यार्थियों का चयन कर योजना बनाई गई। वाट्सअप ग्रुप बनाकर सरल अधिगम सामग्री को पोस्ट किया गया। प्रत्येक विद्यालय में टॉप 10 छात्रों के लिए परीक्षा ली। ब्लॉक में 310 छात्रों की परीक्षा लेकर टॉप 30 का चयन किया। टॉप 30 के लिए सुपर शाइनिंग शिविर शीतकालीन अवकाश में आयोजित किया। प्रतिदिन 4 विषय विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
सफलता के प्रमुख कारकडीईओ माध्यमिक मावजी खांट ने कहा कि ब्लॉक व जिला स्तरीय अधिकारियों की सतत् माॅनिटरिंग रही। नवम्बर से विषयाध्यापकों द्वारा यूनिट, साप्ताहिक, जिला शिक्षा माध्यमिक से समय विभाग चक्र बनाकर प्री बोर्ड परीक्षा लेना सार्थक रहा। परीक्षा पूर्व संभावित टाॅपर्स से जिला कलक्टर प्रकाशचन्द्र शर्मा का संवाद, निर्देशन व मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए टाॅनिक जैसा रहा। वर्चुअल संवाद में विषय विशेषज्ञों की ओर से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को परीक्षा आयोजन तक पूर्ण करना सफलता के प्रमुख कारक रहे।