बांसवाड़ा. ठीकरिया. जगद्गुरु कृपालु महाराज (Kripalu ji Maharaj ) की जन्म शताब्दी महोत्सव मनाया गया। सुबह 8.15 से सायं 4 बजे तक शिव शक्ति नाकोड़ा धाम पर अखण्ड नाम संकीर्तन हुआ। उसके पश्चात 5 बजे गांधी मूर्ति पर आरती के साथ शोभायात्रा रघुनाथ मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, आज़ाद चौक होते हुए पुनः रघुनाथ मंदिर पर पुनः आरती के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ। आरती के तीनों यजमान पुरुषोत्तम ठाकुर, रमेश पंवार व मनोहरलाल शर्मा, पुष्पहार के यजमान सज्जनलाल शर्मा थे। यह जानकारी जितेंद्र जोशी ने दी।
इधर, कैलाश पर्वत को कोई भी स्पर्श नहीं कर पाया: गिरिबापू
तलवाड़ा . सुंदनपुर में आयोजित शिवकथा के तीसरे दिन शरद पूर्णिमा रविवार को व्यास पीठ पर राष्ट्र संत गिरिबापू ने निष्काम भक्ति को बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि स्वार्थ वश की गई भक्ति ईश्वर को स्वीकार्य नहीं है। शिव को प्राप्त करना चाहते हो तो निष्काम भाव से ध्यान करें। निष्काम भक्ति ही महादेव को स्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि दुनिया एवरेस्ट पर चढ़ गई लेकिन आधुनिक युग मे कोई व्यक्ति ऐसा नहीं हुआ, जो कैलाश पर्वत पर चढ़ाई कर सके। संसाधनों के इस दौर में मनुष्य ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतेह कर लिया लेकिन कैलाश पर्वत को कोई भी स्पर्श नहीं कर पाया। ये शिव की महिमा है। शिव का धाम है इस धाम को बारम्बार प्रणाम।
हम पर्वतों की परिक्रमा करने वाले लोग हैं। यह हमारी सनातनी संस्कृति है। शिवकथा के आरंभ में यजमान शांति देवी जोशी ने पंडित ब्रजभूषण शुक्ला के आचार्यत्व में व्यास पीठ व पोथी का पूजन किया। कथावाचक का अभिनंदन कमलेश भाई शास्त्री, डॉक्टर विकास , रमेशचंद्र पण्ड्या, डॉक्टर पीयूष पण्ड्या, रमेशचंद्र, कमल शर्मा, बापूसिंह, सेवक समाज के धनेश्वर जोशी, गौरी शंकर , केशव, राकेश, राजश्री, मोनिका, कामिनी, लीना दोसी ने किया। संचालन डॉक्टर दीपक द्विवेदी ने किया।