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केंद्र सरकार ने घबराकर किया कृषि कानून वापस लेने का निर्णय -मुख्यमंत्री गहलोत

- CM Ashok Gehlot In Banswara, Agricultural Law In India, Rajasthan Political News - मुख्यमंत्री की कुशलगढ़ में मीडियाकर्मियों से बातचीत- महाराष्ट्र पैटर्न की तरह नया पैटर्न लाकर करेंगे आदिवासी क्षेत्र का विकास

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केंद्र सरकार ने घबराकर किया कृषि कानून वापस लेने का निर्णय -मुख्यमंत्री गहलोत

केंद्र सरकार ने घबराकर किया कृषि कानून वापस लेने का निर्णय -मुख्यमंत्री गहलोत

बांसवाड़ा/कुशलगढ़. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब सहित पांच राज्यों में आगामी विधानसभा को देखते हुए केंद्र सरकार घबरा गई है और इसी कारण कृषि कानून वापस लेने का निर्णय किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्ड, गृहमंत्री अमित शाह व रक्षामंत्री राजनाथसिंह को बूथ मैनेजमेंट के लिए यूपी भेजा था, तभी इस बारे में अहसास हो गया था। कुशलगढ़ के समीप पोटलिया में प्रशासन गांवों के संग अभियान के अन्तर्गत आयोजित शिविर का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने यह बात मीडियाकर्मियों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि इनको यूपी जीतना जरूरी है, क्योंकि 2024 में लोकसभा चुनाव भी है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

लोकतंत्र व संविधान खतरे में
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के लोगों में आक्रोश है। इनकम टेक्स, ईडी, सीबीआई सभी संस्थाएं बरबाद हो रही हैं। लोकतंत्र खतरे में है। हम बार-बार कह रहे हैं। संविधान खतरे में हैं। इसे लोग महसूस करते है। गरीब और गरीब व अमीर और अमीर हो रहा हे। अमीर-गरीब की खाई बढ़ रही है। उस पर कोरोना भी आया। आज डीजल, पेट्रोल, गैस के दाम बढ़ गए हैं। उज्ज्वला योजना की बड़ी-बड़ी बातें करते थे, क्या आज कोई हजार रुपए देकर गैस खरीद रहा है। केंद्र सरकार की नीतियां ही गलत है। इससे महंगाई बढ़ती जा रही है। लोग बहुत दुखी हैं।

लाएंगे नया पैटर्न
आदिवासी क्षेत्र के विकास के सवाल पर गहलोत ने कहा कि आदिवासियों का विकास कितना हुआ, आदिवासी खुद बताएंगे। सरकारें अपना प्रयास करती है। आदिवासियों के लिए विशेष प्रयास करती है। टीएसपी एरिया अलग बना रखा है। उसमें अलग से इनवेस्टमेंट होता है। हमारा प्रयास रहता है कि आदिवासियों का कैसे ख्याल रखे। महाराष्ट्र पैटर्न की तरह नया पैटर्न लाएंगे, जिससे आदिवासी इलाकों में विशेष ध्यान रखकर विकास किया जाएगा।

करा रहे परीक्षण
जनजाति उपयोजना क्षेत्र की मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ओपन कैडर की बात कही जा रही है। इसका परीक्षण करा रहे हैं। शिक्षा मंत्री स्वयं इस काम में लगे है। यह यहां की मुख्य मांग हो गई है। उसे कैसे हल करना है, उस बारे में भी कोशिश करेंगे। राजस्थानी भाषा को मान्यता संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने इस बारे में दस-बारह साल पहले ही प्रस्ताव पास कर रखा है। केंद्र सरकार संसद में इसे मान्यता के बारे में जल्द निर्णय करे।

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