
बांसवाड़ा : बिजली के बिल ने दिया उपभोक्ताओं को 'झटका', शिकायत दर्ज कराने पहुंचे लोग, धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
बांसवाड़ा. लॉकडाउन के बाद जून माह में बिजली के बिल ने उपभोक्ताओं के घरों में पहुंचकर तगड़ा झटका दिया है। पिछले दो माह तक औसत बिल भरने के बाद इस माह आए रीडिंग के बिल ने शहर के हर दूसरे घर में लोगों की नींद उड़ा दी है। हर महीने आने वाले बिल की तुलना में इस बार दो—तीन गुना बिल अधिक मिला है। सोमवार को इसे लेकर उपभोक्ताओं ने सहायक अभियंता सिटी कार्यालय में पहुंचकर कड़ी आपत्ति जताई। शहर के अधिकांश स्थानों पर शनिवार को बिल का वितरण हुआ। इसमें सामान्य के मुकाबले हजारों का बिल देखकर उपभोक्ताओं के होश उड़ गए। नई आबादी स्थित विद्युत निगम के कार्यालय में शहर के हर क्षेत्र से बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली का बिल लेकर पहुंचे और निगम कार्मिकों को अपनी पीड़ा बताई। लेकिन कार्मिकों ने नियम-कायदों का पाठ पढ़ाते हुए यह तर्क दिया कि बिल का भुगतान तो करना ही पड़ेगा। कई उपभोक्ता संतुष्ट नहीं होने पर मायूस होकर घर लौट आए तो कई लोग सरकार और महकमें को कौसते नजर आए। महामारी के कारण एक तरफ रोजगार और आमदनी पर काफी प्रभाव पड़ा है, दूसरी तरफ अचानक दो से तीन गुना बिल आने से कई परिवारों के लिए राशि जमा कराना चुनौती बन गया है।
बिल देखकर उपभोक्ताओं के उड़े होश
शहर के दाहोद रोड निवासी रमेशचंद्र ने बताया कि हर महीने घर का औसत बिल 2000 रुपए के आसपास आता है। लेकिन इस बार करीब 5200 रुपए का बिल आया है। लॉकडाउन के चलते दुकान बंद रहने से आमदनी नहीं हुई। वहीं पिता के कुवैत में फंसे होने से वहां भी कोई कामकाज नहीं हुआ। अचानक आए बिजली बिल से परेशानी खड़ी हो गई है। खांदू कॉलोनी के प्रेम कुमार ने बताया कि हमेशा से बिजली का बिल 4 से 5 हजार रुपए के बीच आता रहा है। लॉकडाउन होने के बावजूद अप्रेल माह में साढ़े 4 हजार रुपए का बिल भरा है। लेकिन इस बार 12 हजार से ज्यादा का बिल थमाया गया है। निगम के कार्यालय में शिकायत करने पर मौखिक रूप से लोगों को समझा-बूझा कर भेज रहे है। संतोषजनक समाधान नहीं मिलने से उपभोक्ताओं को मजबूरन बिल भरना पड़ेगा।
उपभोक्ताओं ने उठाए यह सवाल
निगम कार्यालय के बाहर उपभोक्ताओं ने सवाल उठाए कि जब अप्रेल माह में बिजली का बिल देने के लिए कार्मिक घर-घर आया था तो रीडिंग लेने के लिए निगम की ओर से किसी भी कार्मिक को ड्यूटी पर क्यों नहीं लगाया। रीडिंग नहीं ली गई तो उसमें ग्राहकों का क्या दोष है। वहीं चार माह का बिल एक साथ आने से बिजली यूनिट भी दो से तीन गुना बढ़ाकर दिया जा रहा है। वर्तमान में 500 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च होने पर 8 रुपए से ज्यादा प्रति यूनिट चार्ज किया जाता है। ऐसे में जिन परिवारों का बिल 500 यूनिट से कम बनता था उन्हें भी चार माह का बिल एक साथ आने से बेवजह अधिक राशि का भुगतान करने को मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही लॉकडाउन के दौरान जिन उपभोक्ताओं ने जिम्मेदारी समझते हुए बिल राशि जमा करा दी उन्हें भी किसी प्रकार की कोई राहत नहीं दी गई।
धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
बिजली बिल की राशि तीन गुना आने पर लोगों ने एईएन कार्यालय में बिल की जांच कराई। यहां संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर एसई कार्यालय पहुंचकर समस्या से अवगत कराया। नरेंद्र मोदी सेना के उपाध्यक्ष राजेश भावसार सहित अन्य लोगों ने बताया कि यहां भी अधिकारियों ने बिल सही बताते हुए भरने की बात कही। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण हर किसी पर आर्थिक असर पड़ा है। ऐसे में तीन गुना बिल राशि जमा करान मुश्किल है। उन्होंने समस्या समाधान नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। इस दौरान अंकित पंचाल, अंकुश सेवक, सुरेश माली, अभिषेक व्यास, कपिल पंचाल, काना पंचाल, मिहिर पंचाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इनका कहना है...
पिछली बार औसत बिल दिया था। इस बार चार माह का बिल दिया है। यदि पिछले बिल की राशि उसमें नहीं काटी गई तो उपभोक्ताओं का बिल सुधार देंगे। इसके लिए अधिशासी अभियंता की भी मंगलवार से ड्यूटी लगा देंगे, ताकि उपभोक्ताओं की सुनवाई हो सके।
- आरआर खटीक, अधीक्षण अभियंता, बांसवाड़ा वृत्त अजमेर डिस्कॉम
Published on:
23 Jun 2020 02:51 pm
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