बांसवाड़ा. स्वयं सेवी संगठन कट्स मानव विकास केन्द्र द्वारा मंगलवार को राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पलोदरा में पोषण वाटिका विकसित करने के उद्देष्य से महिलाओं का दो दिवसीय प्रषिक्षण आरंभ किया गया ।
कट्स के कार्यक्रम अधिकारी मदनलाल कीर के अनुसार स्वीडिष सोसायटी फोर नेचर कन्जर्वेशन के सहयोग से संचालित प्रोस्कोप परियोजना के तहत जैविक आदर्षा गांव विकसित करने की दिषा में आयोजित दो दिवसीय प्रषिक्षण के प्रथम दिन कृषि विज्ञान केन्द्र बोरवट के वैज्ञानिक गोपाल कोठारी ने महिलाओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए जैविक खेती अपनाना होगा। उन्होने प्रत्येक घर में जैविक सब्जियों की पोषण वाटिका में सब्जी लगाने के बारे में जानकारी देते हुए सब्जिओं पर लगने वाली बिमारी, रोकथाम एवं जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया।
कट्स के कार्यक्रम अधिकारी मदनलाल कीर ने परियोजना के उद्देष्य एवं प्रस्तावित गतिविधियों के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि परियोजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 50 घरों में पोषण वाटिका विकसित की जाएगी ताकि लोगों को अपने ही घर में जहरमुक्त ताजा सब्जियां उपलब्ध हो सकेंगी।
इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने भी जैविक खेती और पद्धति के बारे में जानकारी को बेहतर बताया। महिलाओं ने बताया कि जैविक खेती आने वाली पीढ़ी के लिए काफी अच्छी है। इससे बीमारियों में कमी आएगी।
संचालन गावर्धन लाल पारीक ने किया और अभार उदयलाल गायरी ने जताया। प्रशिक्षण में पलोदरा गांव की 50 से अधिक महिला भाग ले रही हैं। प्रशिक्षण के दूसरे दिन तकनीकी सत्र के साथ महिलाओं को सब्जिओं के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।