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बांसवाड़ा : पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते पकड़वाया तो बढ़ गई परेशानी, बर्बादी की कगार पर पहुंच गया किसान

धन भी गया, धरम भी गया और सडक़ पर आ गया

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banswara

बांसवाड़ा : पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते पकड़वाया तो बढ़ गई परेशानी, बर्बादी की कगार पर पहुंच गया किसान

बांसवाड़ा. ट्रैक्टर खरीदा तो सोचा कि इसके जरिये खेती खुशहाल होगी और आय बढ़ेगी, लेकिन उस किसान के ये अरमान धरे रह गए। ऋण देने वाली कंपनी के एजेंट के साथ पुलिस के चंगुल में ऐसा फंसा कि आज तक उबर नहीं पाया उलटे बर्बादी की कगार पर पहुंच गया। ट्रैक्टर थाने में पड़ा सड़ रहा है और पुलिसकर्मियों को रिश्वत के आरोप मे गिरफ्तार करने के लिए एसीबी में फंसी 64 हजार की राशि भी वापस नहीं मिली। अब वो न्याय के लिए भटक रहा हैं।

सदर थाना क्षेत्र के उदपुरा निवासी पंकज बामनिया पुत्र रामलाल ने कृषि कार्य के लिए 11 जून 2012 में बांसवाड़ा से फाइनेंस पर साढ़े छह लाख में टैक्टर खरीदा। पंकज ने नियमित टै्रक्टर की छ माही किस्तें जमा कराने लगा, लेकिन आरोप है कि किस्तें लेने वाला एजेंट इसकी रसीदें एक-दो माह बाद की देता। पंकज ने आपत्ति की और फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों के सामने शिकायत की तो एजेंट नाराज हो गया और आगे किस्तें लेने नहीं आया।

पंकज का आरोप है कि एजेंट ने शिकायत से नाराज होकर 28 मई 2015 को खेत में चल रहे टै्रक्टर और उसके चालक को स्वयं व अपने साथियों के साथ उठाकर ले गया। पंकज को टै्रक्टर दो माह बाद कूपड़ा के पास चलता हुआ दिखाई पड़ा, जिसकी पूरी जानकारी सेनावासा चौकी पर तैनात कांस्टेबल कल्याण सिंह को दी, लेकिन कांस्टेबल ने धमकाकर पंकज को भगा दिया। इस पर पंकज ने अपने स्तर से टै्रक्टर को लाकर खुद के खेत पर रख दिया। बाद में जब पुलिसकर्मियों की ओर से पंकज को परेशान किया गया तो उसने टै्रक्टर 12 अगस्त 2015 को सदर थाने में रख दिया।

पुलिस को भी नहीं आई दया
टै्रक्टर को छोडऩे के एवज में पुलिस ने एक लाख रुपए मांगे और पुलिस कर्मियों द्वारा परेशान किया जाने लगा तो पंकज ने इसकी शिकायत एक सितंबर 2015 को एसीबी में की थी। इस पर पांच सितंबर 2015 को एसीबी बांसवाड़ा पुलिस चौकी ने सदर थाने के हैड कांस्टेबल गजेन्द्र सिंह, कानाराम तथा रिछपाल को 30 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। साथ ही रिश्वत की राशि तीस हजार के साथ पंकज का टै्रक्टर जब्त किया। इसके बाद अब हालत ये हैं कि न तो पंकज को टै्रक्टर मिला है और न ही उसका रुपया। जबकि इसके लिए पंकज की ओर से आए दिन थाने व दफ्तरों के चक्कर लगाए जा रहे है।

पता कर जरूर मदद करेंगे
इस मामले को पूरा पता करके इसमें क्या किया जा सकता है। इस पर कार्य जरूर किया जााएगा।
कालूराम रावत, पुलिस अधीक्षक बांसवाड़ा