बांसवाड़ा. तलवाड़ा. श्री सिद्धि विनायक आमलिया दादा के नवनर्मित श्री गणेश मंदिर के स्वर्ण शिखर प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को विधि विधान के साथ बांसवाड़ा-डूंगरपुर के 150 विप्रवरों की ओर से मंत्रोच्चार का सहपठन से वातावरण धर्ममयी हो उठा। पं. नारायण शुक्ल, लक्ष्मीनारायण शुक्ल व मोहनलाल शुक्ल के निर्देशन में प्रधान आचार्य कुलदीप शुक्ला, प्रतिष्ठाचार्य निकुंज मोहन पण्ड्या व यज्ञाचार्य निखिलेश शुक्ल के निर्देशन में सुबह स्थापित देवताओं का पूजन के साथ गणेश यज्ञ में पंचद्रव्य से बने मेवा के मोदक, जिसमें मावा, खड़ी शक्कर, खसखस, द्राक्ष, छुहारे के मिश्रित लड्डुओं का महायाग मंडप में यजमान परिवारों के द्वारा आहुतियां दी गई। प्रधान आचार्य कुलदीप शुक्ल व यज्ञाचार्य निखिलेश शुक्ला ने बताया कि पांच दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठानों के तहत सवा लाख दुर्वा, गुलाब के पुष्पों से श्रीगणेश को वैदिक मंत्रंों के साथ सवा लाख मोदकों से आहुतियां दी गई। विभिन्न औषधियों से युक्त बने शाकल्य व गाय के शुद्ध घृत से यजमान परिवार के द्वारा 81 कुंडों में वैदिक मंत्रोचार के साथ आहुतियां देने पर सारा परिसर सुगंधमय हो उठा। मंदिर परिसर में धान्याधिवास, गणेश तर्पण विधान, श्री गणेश अथर्वशीर्ष पाठ, श्रीगणेश महामंत्र जपानुष्ठान के विधान जारी है।
संतों का स्वागत
सभास्थल में प्रधान आचार्य कुलदीप शुक्ला के विभिन्न वाद्य यंत्रों की संगत पर बनी श्रीगणेश स्तुति माला की सीडी का विमोचन बड़े रामद्वारा के संत राम प्रकाश व गोसंत रघुवीरदास ने किया। इस दौरान श्री गण्ेाश संबन्धित संगीतमय वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भोग व महाआरती, श्री गणेशजी के श्लोकों को सस्वर गाकर अलंकृत किया गया। धार्मिक सभा में संतों ने कहा कि युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति को लुप्त होने से बचाते हुए उसके आचरणों को अपने जीवन में उतारे। इस मौके पर शिखर प्रतिष्ठा समिति के बाल कृष्ण त्रिवेदी, श्री गणेश मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष महेशचंद्र त्रिवेदी, श्रीलक्ष्मीनारायण ट्रस्ट मंडल के कृष्णलाल जोशी, रूपजी भाई पाटीदार, योगेश त्रिवेदी, नरेन्द्र सोनी, प्रेमचंद पंचाल, ध्रुवशंकर जोशी, कचरू भाई जोशी, प्रकाश भटट ने संतों का स्वागत किया। संचालन सचिव विष्णु कुमार रावल ने किया।
इनका हुआ सम्मान
घलकिया व वांका से आए पाटीदार समाज को पगड़ी व दुपट्टा पहनाकर मंदिर विकास समिति व वैष्णव समाज के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। यजमान दर्शन त्रिवेदी ने पं. कुलदीप शुक्ला के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चांदी के पात्रों में विभिन्न दृव्यों से संगीतमय धुन के साथ श्री गणेश की महापूजा कर्रवाई। इस कार्यक्रम में वैष्णव समाज के युवा सहित बजरंगदल के सदस्य भी सहयोग कर रहे हैं।