बांसवाड़ा. भंवर म्हाने पूजण दो गणगौर, ओ जी म्हारी सहेल्यां जोवे बाट, भंवर म्हाने खेलण द्यो गणगौर… सहित राजस्थानी लोक संस्कृति के गीतों की स्वर लहरियों के बीच गणगौर तीज परम्परा के अनुसार हर्षोल्लास से मनाई गई। शहर में शाम को शोभायात्रा निकाली गई। गणगौर घाट पर पूजन के साथ ही गणगौर की झांकी का लोकार्पण किया गया। वहीं सनातन समाज की महिलाओं ने भी गणगौर तीज का व्रत किया।
चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया गणगौर पर महिलाओं ने सजधज कर ईसर-पार्वती की प्रतिमाओं की गणगौर घाट पर पूजा-अर्चना की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी महिलाओं ने घरों, व मंदिरों में गणगौर के साथ ईसर भगवान और कानूड़े की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने गणगौर, ईसर की प्रतिमाओं को फूलों से जल कुसुंबे दिए।
शोभायात्रा में दिखा उल्लास
मारवाड़ी समाज की ओर से शुक्रवार शाम को ठीकरिया औद्योगिक क्षेत्र से गणगौर की शोभायात्रा निकाली गई। गाजेबाजे से निकली शोभायात्रा में अश्व सवारों सहित समाज अध्यक्ष किशनसिंह तंवर एवं बड़ी संख्या में मारवाड़ी समाजजन व महिलाएं भी सम्मिलित हुई। पीछे रथनुमा जीप में ईसर-पार्वती की प्रतिमाएं विराजित की गई थी। गणगौर घाट तक निकली शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। मारवाड़ी समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में चंग व ढोल की थाप पर मंगल गीत गाते हुए चल रहे थे। इसमें समाजजनों के अतिरिक्त जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुनसिंह बामनिया, सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी, पूर्व सभापति राजेश टेलर, कृष्णपालसिंह सिसोदिया, हकरू मईड़ा, नगर परिषद में नेता प्रतिपक्ष ओम पालीवाल, क्षेत्रीय पार्षद चंकी शाह सहित अन्य पार्षद आदि सम्मिलित रहे।
झांकी का लोकार्पण
नाथेलाव तालाब पर गणगौर घाट पर मारवाड़ी समाजजनों की ओर से पूजन किया गया। वहीं राज्यमंत्री, सभापति सहित अन्य अतिथियों की मौजूदगी में यहां नगर परिषद की ओर से निर्मित कराई गई गणगौर की सवारी की झांकी का लोकार्पण किया गया। इस दौरान अतिथियों ने शहर के सौन्दर्यीकरण के लिए किए कार्यों का उल्लेख कर कहा कि शहर के विकास की गति को निरंतर बनाए रखेंगे।