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घोटिया आंबा मेले में श्रद्धा का सैलाब

बांसवाड़ा जिले में पांडवों के कुछ समय के लिए निवास करने के कारण घोटिया आंबा का है धार्मिक महत्व

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Ashish Bajpai

Mar 26, 2017

Glimpse of reverence in the Ghotiya Amba Mela

Glimpse of reverence in the Ghotiya Amba Mela

जिले के घोटिया आंबा क्षेत्र में लगने वाले पांच दिवसीय मेले में रविवार को श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। जो अगले चार दिनों तक जारी रहेगा। वागड़ ही नहीं वरन गुजरात और मध्य प्रदेश से भी श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है।

घोटिया आंबा मेले की अधिक तस्वीरें देंखने के लिए यहां क्लिक करें

वहीं, धाम के मुख्य मंंिदर पर रामगिरी महाराज द्वारा जलाभिषेक किया जा रहा है व पांडवों द्वारा रोपित आम्र वृक्ष के समीप हीरागिरी महाराज और वाल्मीकि मंदिर पर प्रेमगिरी महाराज, भावगिरी महाराज, कांति भगत का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। धाम परिसर पर ही गुरू गोरखनाथ की धुणी पर भी संतो का डेरा है।

गंगा और नर्मदा कुंड का विशेष महत्व

घोटिया आंबा पर बने गंगा कुंड और नर्मदा कुंड का आस्था की दृष्टि से विशेष महत्व है। जहां लोग स्नान कर स्वयं का धन्य मानते हैं। इससे जुड़ी आस्था को लेकर श्रद्धालु उमेश ने बताया कि एेसा मानना है कि इसमें डुबकी लगाने से पुण्य मिलता है।

बदलेंगे ध्वजा, होंगे भजन-कीर्तन

सोम अमावस के अवसर पर सुबह 6 बजे धाम के महंत के सान्निध्य में मुख्य मंदिर पर नई ध्वजा चढ़ाई जाएगी। इसके अलावा मुख्य मंदिर के सामने पूरे दिन भजन-कीर्तन होंगे।

होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

मुख्य मेले की रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जिसमेंं पश्चिम सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर से राठवा नृत्य आदि समूह नृत्यों के माध्यम से अमावस्या की रात एवं नूतनवर्ष का स्वागत किया जाएगा।

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