
राष्ट्रीय राजमार्ग 113 का हाल, 16 किमी सडक़ पर सैकड़ों गड्ढे
बांसवाड़ा. राष्ट्रीय राजमार्ग 113 के शहंर से बाहर बायपास बन जाने के बाद शहरी सीमा क्षेत्र में स्थित जर्जर सडक़ को ठीक करने के लिए पंचायतराज राज्य मंत्री के निर्देश पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (राष्ट्रीयराज मार्ग विंग) की ओर से दिसम्बर 2016 में राज्य सरकार को भेजे गए करीब साढ़े पांच करोड के प्रस्तावों को अभी तक हरी झण्डी नहीं मिली है, जिसके चलते लोगों को जर्जर सडक़ पर चलना पड़ रहा है।
8 साल पहले कराया गया था काम
तेजपुर से बोरवट तक के 16 किमी (157 से 173) मार्ग की मरम्मत आठ साल पहले 2008-09 में कराई गई थी। इसके बाद न तो इसका नवीनीकरण कराया गया और न ही कोई मरम्मत कार्य हुआ। इस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (राष्ट्रीयराजमार्ग विंग) ने 23 दिसम्बर 2016 को 551.22 लाख के प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजे थे। 13 माह होने के बावजूद इसकी स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। इसके चलते इसका निर्माण प्रारम्भ नहीं हो पाया और पूरा सडक़ मार्ग जर्जर होने के कगार पर है।
यहां उल्लेखनीय यह भी है कि इससे पूर्व कांग्रेस सरकार कार्यकाल के दौरान भी तेजपुर से बोरवट तक के मार्ग को ठीक करने के लिए करीब 6 करोड़ के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे थे और उसकी स्वीकृति भी प्राप्त हो गई थी, लेकिन तब भी सडक़ बनाने का काम प्रारम्भ नहीं हो पाया। इस बारे में विभागीय अधिकारी कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।
पैदल चलना भी मुश्किल
तेजपुर से बोरवट तक के मार्ग में 100-200 नहीं वरन अनगिनतग गड्ढे पड़े हुए हैं जिसके चलते वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। अलबत्ता यहां पर दो से तीन बार पेंचवर्क के नाम पर कंकड़-मिट्टी जरूर डाल कर दायित्व की इतिश्री की गई। जब भी राज्य सरकार के जिले के दौरे का कार्यक्रम बनता है तब ऐसी कवायद होती है। इसके बाद ढाक के तीन पात।
Published on:
16 Jan 2018 11:26 pm
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