
बांसवाड़ा : फिजाओं में बही हनुमान चालीसा की सुर सरिता, शोभायात्रा के साथ भागवत कथा महोत्सव का आगाज
बांसवाड़ा. श्रीराम चरित मानस मण्डल के तत्वावधान में नौ दिवसीय पांच लाख हनुमान चालीसा पाठ के आयोजन का श्रीगणेश मंगलवार को हुआ। महन्त विश्वम्भरदास फ लाहारी महाराज के आशीर्वाद और पं. नन्दकिशोर शास्त्री के सान्निध्य में हुए धार्मिक आयोजन के दौरान फिजाओं में पांच हजार से अधिक साधक-साधिकाओं की ओर से किए हनुमान चालीसा पाठ के स्वर गुंजायमान रहे। कार्यक्रम में लालीवाव मठ के पीठाधीश महंत हरिओमदास महाराज ने कहा कि भगवत प्राप्ति का मुख्य आधार सत्संग ही है। इससे पूर्व लाभार्थियों ने व्यासपीठ का माल्यार्पण कर सम्मान किया। मानस मण्डल के अध्यक्ष महेश पंचाल ने संतों एवं उपस्थित पाठियों एवं भक्तजनों का स्वागत किया। इसके बाद व्यासपीठ से मानस मर्मज्ञ द्वारा नन्दकिशोर शास्त्री द्वारा प्रारम्भ में ओम नम: शिवाय के जाप करवाये उपरान्त हनुमान चालीसा का संगीतमय पाठ करवाया। कोरस वीरेंद्र तिवारी, विद्याकांत शुक्ला सहित तबले पर सोनू भाई, ढोलक पर राजेश पाण्डे, बेंजो पर रणछोड़ भाई एवं खंजरी पर शत्रुघ्न भाई ने संगत दी। इससे पहले साधक-साधिकाओं को आसन, गो-मुखी, वस्त्र-उपवस्त्र, हनुमान चालीसा सुन्दरकाण्ड सहित वर्णी का वितरण पृथ्वी क्लब में किया गया। आयोजन में राधाकिशन खन्ना, बालकृष्ण पाठक, पवन पटेल, रत्नबाला उपाध्याय, ईश्वरचन्द्र आचार्य, कन्हैयालाल गर्ग, प्रमोद कुमार, लक्ष्मीबाई पटेल, रमाकान्ता, रजनीकान्त कंसारा, पीयुष कंसारा, विठलाजी बुनकर, पन्नालालजी माली, विश्व धर्मरक्षक कैलाश मोहन मेदावत, भगवती देवी जोशी, शीला त्रिवेदी, प्रेमलता भावसार, सज्जनसिंह राठौड़, राकेश, कल्पेश हरिलाल पंवार, शिवराजसिंह चौहान, यशपाल कटारा, दीपक शर्मा लाभार्थी रहे।
कथा का लक्ष्य मनुष्य जीवन की दिव्यता दिखाना: नागर
बंासवाड़ा. श्रीमद् भागवत समिति के तत्वावधान में सात दिवसीय भागवत ज्ञान कथा महोत्सव का आगाज शोभायात्रा से हुआ। बड़ा रामद्वारा से प्रारम्भ शोभायात्रा का नगर में सामाजिक तथा धार्मिक संगठनों, व्यापार मण्डल ने स्वागत किया। शोभायात्रा में राष्ट्र संत वर्षा नागर फूलों से सुसज्जित बग्घी में बैठी थी। उनके साथ संत रामप्रकाश भी थे। श्रद्वालु नाचते-झूमते चल रहे थे। यजमान परिवार के रजनीकांत कंसारा, रमाकान्ता कंसारा, हर्षी खन्ना, नवीना खन्ना पोथी लिए चल रह रहे थे। केसरिया परिधान में शिव कन्या मण्डल की बेटियां भजन की मस्ती में नृत्य करते हुए आकर्षण का केन्द्र रही।
शोभायात्रा में श्रीमद् भागवत समिति, श्री गणेश भक्त मण्डल, रामकृष्ण सत्संग मण्डल, दुर्गावाहिनी, नेमा महिला मण्डल, कंसारा महिला मण्डल आदि संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद थे। कथा में राष्ट्र संत वर्षा नागर ने कहा कि कथा का लक्ष्य मनुष्य जीवन की दिव्यता दिखाना है। भारत की असली सम्पति बुजुर्गो के संस्कार और संस्कृति है। इस देश ने हमें राष्ट्र का चिन्तन सिखाया है। लालीवाव मठ के महन्त हरिओम शरणदास महाराज ने कहा कि कलयुग में भगवत नाम का ही एकमात्र सहारा है। आरम्भ में पं. सूर्यशंकर नागर के आचार्यात्व में यजमान रजीनकांत कंसारा व रमाकांता कंसारा, पीयूष कंसारा, विधी कंसारा, रेखा कंसारा, राधाकिशन खन्ना, हर्षी खन्ना, नवीना खन्ना, आशीष वधवा, पिंकी वधना ने पोथी पूजन किया। कथावाचिका का श्रीमद् भागवत समिति के अध्यक्ष रवीन्द्रलाल मेहता, सुरेश गुप्ता, परमेश्वर नागर, मणिलाल जोशी, ईश्वरदास वैष्णव, विनोद दोसी, भगवतीशंकर द्विवेदी, नटवरलाल चौबीसा, देवेन्द्र शाह, कमलेश टांक, मदन मेहता, प्रवीण कंसारा, जग्गू श्रीमाल आदि ने अभिनंदन किया। संचालन डॉ. दीपक द्विवेदी ने किया।
Published on:
26 Dec 2018 01:59 pm
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