
Hooked up to the night of classical music productions
मोरी अटरिया पर आ जा रहे सांवरिया..., रंग डाली चुनरिया... जैसी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से रविवार रात महफिल सजी। अवसर प्रताप सर्किल स्थित आर्ट रेस्टेरिया में आयोजित शास्त्रीय संगीत संध्या का था। कार्यक्रम का आगाज राग पुरिया धना शायी से हुआ। इसके बाद तबले-गिटार की जुगलबंदी के बीच रागों की एेसी तान छिड़ी की श्रोता भी वाह कर गए। गिटार वादक सतीश शर्मा (दिल्ली ) ने सूफी सांग छाप तिलक मोहे छिनी सब नैना मिलायके..., नैना लागे ( ठूमरी)...जैसी प्रस्तुतियों के साथ ही खुद का लिखा गीत प्यार हुआ...की प्रस्तुतियां भी दी। कार्यक्रम में ठूमरी की दस्तक ने श्रोताओं के आनंद को बढ़ा दिया। तबले पर पड़ती थाप ने भी मन में उत्साह की गूंज बिखेर दी। वहीं गिटार पर अंगुलियों के करतब से श्रोताओं की आंखें ही ठहर सी गई। तबले पर संगत गुरुदीत सिंह ने दी।
तीन ताल में बंदिश भी जमी
कार्यक्रम में शर्मा ने राग मधुवंती में तीन ताल में बंदिश सुनाई तो यह भी श्रोताओं को खूब रास आई। इसी दौरान युवा पीढ़ी के बीच घूमर की आधुनिक पैटर्न के मुताबिक प्रस्तुति देकर एक नई जिज्ञासा को भी जन्म दे दिया। प्रारंभ में बतौर अतिथि डिप्टी विक्रम सिंह सहित अन्य ने दीप प्रज्ज्वलन किया। स्वागत पल्लव भावसार, तुषार वर्मा, रवि पंड्या, गार्गी पंड्या, जलज नागर, अमन वोहरा एवं मानस पंड्या ने किया। कार्यक्रम में तबला वादक नयन नागर भी मौजूद रहे।
Published on:
27 Nov 2016 11:55 pm
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