
बांसवाड़ा/सीकर. Murder In Medical College Sikar: बेटे को खो चुकी शारदा और रमेश के लिए मंगलवार की रात भारी गुजरी। दोनों अस्पताल की मोर्चरी के बाहर पूरी रात और दिन बैठे रोते रहे। बेटे की मौत का दर्द आंसुओं के साथ बहता रहा। श्री कल्याण मेडिकल कॉलेज परिसर में सोमवार रात एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र हनिमेश की मौत के मामले में परिजनों के साथ शहरवासियों का दर्द भी सामने आया। घटना से गुस्साए लोगों ने मेडिकल कालेज में अव्यवस्था, असुरक्षा और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इधर, रमेशचंद्र खांट ने हत्या का मामला दर्ज करवाया है।
बुधवार को एसके हॉस्पिटल की मोर्चरी के बाहर परिजनों के साथ भाजपा, तेजा सेना राजस्थान, एबीवीवी, एनएसयूआई, भीम सेना सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी दिनभर धरने पर बैठे रहे। उन्होंने मेडिकल छात्र की हत्या के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग रखी। शाम को मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. शिवरतन कोचर, एसके हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. महेंद्र खीचड़ के साथ परिजनों व जनप्रतिनिधियों की वार्ता हुई। मांगों पर सहमति होने पर परिजन रात करीब आठ बजे शव का सिटी स्केन करवाकर शव को जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में ले गए। छात्र के पिता रमेश खांट व माता शारदा ने कहा कि वे बेटे हनिमेश के शव का पोस्टमार्टम सीकर के एसके हॉस्पिटल के बजाय जयपुर में एसएमएस हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड से करवाएंगे। बताया गया कि कॉलेज प्रशासन ने वार्षिंक फीस भी परिजनों को लौटाने पर सहमति व्यक्त की है।
यह भी पढ़ें : राजस्थान के इस नेशनल हाईवे पर महंगा होगा सफर, काठूवास फ्लाई ओवर बनकर तैयार
प्राथमिकी में रैगिंग, हत्या का आरोप
पिता रमेशचंद्र खांट ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसका बेटा हनिमेश खांट एसके मेडिकल कॉलेज सीकर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह कुछ दिनों से परेशान था। वह बताता था कि कुछ सीनियर उसे रैगिंग के नाम पर आए दिन परेशान करते थे। यह भी आरोप लगाया है कि अभियुक्तों ने सीसीटीवी कैमरों से भी छेड़छाड़ की है। बेटे की हत्या व अभियुक्तों के बचाव में कुछ प्रभावशाली मेडिकल प्रशासन की भूमिका हो सकती है।
जयपुर से मेडिकल बोर्ड से पोस्टर्माटम रिपोर्ट के बाद जांच करेंगे कि यह मर्डर है या सुसाइड। यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व पुलिस जांच में मर्डर पाया गया तो जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे।
रामचंद्र मूंड, एडिशनल एसपी, सीकर
लापरवाही: सीसीटीवी कैमरे खराब, सवालों के घेरे में इंतजाम
राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी के तहत प्रथम चरण में प्रदेश के जिला मुख्यालय भरतपुर, भीलवाड़ा, चूरू, डूंगरपुर, पाली, बाड़मेर एवं सीकर में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। इसमें एमबीबीएस के स्टूडेंट्स से सालाना करीब 7.87 लाख रुपए फीस ली जाती है। इसके साथ ही हॉस्टल व खाने का खर्चा अलग से है। इसके बाद भी एसके मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे सही नहीं करवाए। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही पर भी लोगों ने गुस्सा जाहिर किया।
Published on:
22 Jun 2023 12:19 pm
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
