
बांसवाड़ा. शहर के मंदारेश्वर रोड स्थित आसमा अस्पताल से गिरफ्तार किए गए प्रसूती एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. देवप्रिय आशोक पांडा तकरीबन 24 घंटों में ही जेल से अस्पताल पहुंच गए। महात्मा गांधी अस्पताल के आर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती डॉ. पंडा को दोपहर में तकबरीन तीन बजे पुलिसकर्मी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार किया गया। अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉ. पंंडा डायबिटीज के मरीज हैं और पहले किसी कारण वश इनके पैर का ऑपरेशन हुआ है। जिसके बाद उनके नियमित पट्टी होती है, लेकिन जेल में इनकी तबियत बिगड़ गई और इन्हें उपचार के लिए भर्ती किया गया।
पैसों के लालच ने बना दिया आरोपी
डॉ. पंडा चंद पैसों को चंद पैसों के लालच के चलते अस्पताल संचालक मजहर शेख के साथ राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ के निर्देश पर सोमवार को डिकॉय ऑपरेशन के तहत भ्रूण ***** जांच के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जहां पहले चलता था सिक्का, अब वहीं लेटे बिस्तर पर
गौरतलब है कि सेवानिवृत्त डॉ. पांडा पूर्व में सरकारी चिकित्सक रहे चुके हैं और ये महात्मा गांधी अस्पताल में भी सेवाएं दे चुके हैं। इसके चलते रोजाना मरीजों को उपचार भी किया करते थे, लेकिन अब गैर कानूनी कार्य में लिफ्त होने कारण उसी अस्पताल में एक आम मरीज की तरह अस्पताल में भर्ती हैं।
चिकित्सक और नर्स को भेजा जेल
बांसवाड़ा. गुजरात के लुनावाड़ा से भ्रूण ***** जांच के आरोप में गिरफ्तार किए गए चिकित्सक और नर्स को डिक्ॉय दल ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले को लेकर पीपीपीएनडीटी जिला समन्वयक हरिकांत शर्मा ने बताया कि राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ के तहत मंगलवार को लुनावाड़ा स्थित भगत हॉस्पिटल एवं सोनोग्राफी सेंटर के संचालक स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ. मयूर नाना भाई भगत और उसकी सहयोगी नर्स शेख फायजा बानो को ***** जांच के आरोप में 20 हजार रुपए के नम्बरी नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। जिन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
Published on:
31 Jan 2018 11:39 am
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