
गुटखे पर प्रतिबंध के बाद जैन मुनि सुनीलसागर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से शराबबंदी को लेकर कह दी यह बड़ी बात
ओबरी/डूंगरपुर. राष्ट्रसंत आचार्य सुनीलसागर महाराज ने कहा है कि महावीर की अंहिसा, राम की मर्यादा व कृष्ण के कर्म सिद्धांतों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। धार्मिक मान्यता, विचारों को लेकर बखेड़ा करने की जरूरत नहीं है। सब एक हैं। अनेकता में एकता ही भारत की विशेषता है। हुमड़पुरम में धर्मसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जहां जनजाति है, वहां जैन जाति भी है। आचार्य ने कहा कि मंदिर में इंसान शिक्षित होने के बाद आता है। विद्यालय में शिक्षित होने के लिए जाता है। उन्होंने समाज के शिक्षण संस्थान को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।शराबबंदी की आवश्यकताआचार्य ने आमजन व पशुओं के लिए मुफ्त दवा, वृद्धों सहित पात्र लोगों को पेंंशन, पक्षियों की सेवा करने की योजना एवं गुटखे पर प्रतिबंध की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि अब शराबबंदी होनी चाहिए। इससे प्रदेश बीमारियों से मुक्त व समृद्ध परिवारों वाला हो जाएगा। सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए कि परिवारों की सुख-शांति बनी रहे। उन्होंने सडक़ किनारे खुली मांस की दुकानें भी बंद करने की बात कही।जरूरतमंद को आगे लाएंआचार्य ने कहा कि आरक्षण लेकर जो परिवार समृद्ध बने हैं, उन्हें आरक्षण का लाभ दोबारा न मिले। पीछे खड़े उसी जाति के गरीब को आरक्षण का लाभ मिले, जिससे वह भी समाज में खड़ा रह सके, ऐसा प्रावधान प्रदेश में लाना चाहिए। उन्होंने बुरा नहीं बोलने, बुरा नहीं सुनने और बुरा नहीं देखने के साथ ही बुरे विचार मन में नहीं लाने का आह्वान किया। इस मौके पर पुस्तक विमोचन भी किया गया। सुनीलसागर राष्ट्रीय युवा मंच के अध्यक्ष नमन पंचोरी, वैभव गोवाडिय़ा, राजेश जैन, विनय सेठ, रमणलाल गोदावत, दीपेश ललावत, प्रवक्ता मुकुल भुता सहित 72 गांवों के जैन समाज के लोग, वागड़ के ग्रामीण सहित प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। धर्मसभा को मुनि शुभमसागर, मुनि सुश्रुतसागर, मुनि सुयत्नसागर, मुनि सुमंत्रसागर ने संबोधित किया। बालिका छात्रावास का शिलान्यासइससे पहले 18 हजार दशाहुमड़ दिगम्बर जैन समाज के बालिका छात्रावास का शिलान्यास आचार्य सुनील सागर ससंघ के सान्निध्य, समाज अध्यक्ष दिनेश खोड़निया के नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष डा. सीपी जोशी के आतिथ्य में रविवार को अभिजीत मुहूर्त में हुआ। अतिथियों ने शिलान्यास पट्टिका का अनावरण किया। गहलोत व जोशी ने आचार्य से आशीर्वाद भी लिया। मुख्य शिलान्यासकर्ता सुरेश सिंघवी परिवार बांसवाड़ा, सुमतिदेवी मेहता पत्नी बदामीलाल मेहता परिवार कोहाला, सुमति बाई पत्नी हीरालाल दोसी परिवार परतापुर रहे। शिलान्यास की क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य भागचंद जैन नंदनवन व पं. आनन्दलाल जैन ने करवाई। सभा में आचार्य का पाद प्रक्षालन अशोक जैन ने किया।
Updated on:
7 Oct 2019, 1:28 PM IST
Published on:
7 Oct 2019, 1:28 PM IST
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