बांसवाड़ा. शहर के पृथ्वी क्लब में चल रहे भावसार समाज के दो दिवसीय सामूहिक गंगोद्यापन कार्यक्रम के तहत रविवार को गंगाजल कलश यात्रा निकाली गई। रामस्नेही संप्रदाय मेड़ता के पीठाधीश्वर रामकिशोरजी महाराज व संतों के सानिध्य में कलशयात्रा गांधी मूर्ति से प्रारंभ होकर धनावाव स्थित बजरंग बावड़ी पर पहुंची। यहां से कलशों में जल भर कर वापस शोभायात्रा गांधी मूर्ति पृथ्वी क्लब लौटी। इस दौरान शोभा यात्रा में साधु-संत बग्गी में सवार थे, वहीं पीछे भजनो की मधुर स्वरों के साथ शोभायात्रा में बड़ी संख्या में भावसार समाज की महिलाएं व पुरुष भारतीय परिधान पहनकर साथ चल रहे थे। शोभायात्रा के उपरांत पृथ्वी क्लब में आयोजित धर्मसभा में रामकिशोर महाराज ने कहा कि धर्म समाज को एक सूत्र में बांधता है। धार्मिक अनुष्ठान जप, तप, मंत्र से देवत्व की सिद्धि प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि भावसार समाज 1925 से रामस्नेही संप्रदाय से जुड़ा हुआ । कार्यक्रम में मेड़ता के महंत रामनिवास शास्त्री ने कहा भारत वर्ष धर्म प्रधान देश है चार पुरुषार्थों में सबसे पहले धर्म आता है। इस दौरान ध्यानीराम महाराज रमनराम महाराज, दयाराम महाराज, रामप्रकाश महाराज व उदय राम महाराज भी मंचासीन थे । इस बीच, यहां गंगोद्यापन आचार्य हर्षवर्धन व्यास, पंडित चंद्रकांत उपाध्याय एवं 25 विप्रवरों ने विधि विधान से संपन्न कराया। कार्यक्रम में संरक्षक शांतिलाल भावसार ने आयोजन में सहयोग पर समाजजनों की सराहना की । भावसार समाज के अध्यक्ष जनककिशोर भावसार ने समाज में सामूहिक गंगोध्यापन के प्रथम आयोजन के निर्विघ्न संपन्न होने पर समाज बंधुओं को आभार जताया । संचालन राजेंद्र भावसार ने किया। पूर्णाहुति के बाद आरती कर अंत में महाप्रसाद वितरण हुआ।