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करगिल युद्ध रजत जयंती वर्ष : सेना का ऐतिहासिक 9500 किमी का हवाई सफर

राष्ट्रीय माइक्रोलाइट अभियान नेटेक्स 23-24 अभियान शुरू : उत्तर से दक्षिण भारत को नापने महू से शुरू हुआ, पहले पड़ाव का साक्षी बना बांसवाड़ा, बांसवाड़ा की तलवाड़ा हवाई पट्टी पर घंटेभर पड़ाव के बाद भरी आगे की उड़ान kargil war, kargil war silver jubilee year, IND Vs Pak, War, banswara

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करगिल युद्ध रजत जयंती वर्ष : : सेना का ऐतिहासिक 9500 किमी का हवाई सफर

करगिल युद्ध रजत जयंती वर्ष : : सेना का ऐतिहासिक 9500 किमी का हवाई सफर

करगिल युद्ध के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश का मौका, तो भारतीय सेना का कश्मीर से कन्याकुमारी तक 9,500 किमी के हवाई सफर का आगाज। चार माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट की सौ किलोमीटर से ज्यादा रफ्तार और 77 दिन में शौर्य और आध्यात्म के केंद्रों करगिल व रामसेतू पर तिरंगा फहाराने का लक्ष्य।
एशिया के इस पहले साहसिक अभियान की मध्यप्रदेश के महू से सोमवार सुबह को शुरुआत के बाद पहले पड़ाव का बांसवाड़ा साक्षी बना। साहस और एकजुटता प्रदर्शन के ध्येय को लेकर निकली नेटेक्स टीम यहां सुबह दस बजे तलवाड़ा हवाई पट्टी पर पहुंची तो यह देखकर हर कोई गौरवान्वित हो उठा। यहां एयरक्राफ्ट के रखरखाव और ईंधन भरने के घंटेभर के उपक्रमों के बाद कर्नल मनकंवलजीत चावला के नेतृत्व में टीम ने उदयपुर के लिए कूच किया।
पर्वत से सागर तक की मात्र 37 से 40 दिन की रहेगी हवाई उड़ान
अभियान के लीडर कर्नल चावला ने सुबह दस बजे यहां उतरने के बाद बातचीत में बताया कि आर्मी एडवेंचर नोडल सेंटर, दूरसंचार इंजीनियरिंग सैन्य कॉलेज महू से अमर शहीदों की स्मृति के पंख के रूप में प्रारंभ यह अभियान मौसम की अनुकूलता के साथ 37 से 40 उड़ान दिवस में पूरा किया जाएगा। शेष दिन अभियान में शामिल चारों माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट एक्स-एयर हनुमान, सवाना एमएक्सपी, तनार्ग बायोनिक्स और स्कीपर नुविक्स के रखरखाव और पड़ाव के रहेंगे। पांच से छह घंटे लगातार उड़ान में सक्षम इन एयरक्राफ्ट में सबसे शक्तिशाली हनुमान अधिकतम 170 किमी प्रति घंटे रफ्तार की है। इनसे टीम पहले फेज में उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, सूरतगढ़, भटिंडा, आदमपुर होते हुए टीम जम्मू पहुंचेंगी। अभियान का दूसरा फेज 3 दिसंबर से 14 दिसंबर जम्मू से उज्जैन, फिर तीसरा फेज 28 दिसंबर से 9 जनवरी 2024 महू से तिरुवनंतपुरम् और चौथा व आखिरी कोच्ची से पूणे तक 10 जनवरी से 31 जनवरी 2024 तक रहेगा चलेगा। इस बीच, उधमपुर, जम्मू, रामानाथपुरम्, कोच्चि, गोवा और पूणे में एयर शो भी होंगे।
शहादत को सलामी, उत्तर से दक्षिण तक लहराएंगे तिरंगा
2024 में करगिल रजत जयंती महोत्सव के दौरान उत्तर में विजय की प्रतीक बनी करगिल की चोटी तो दक्षिण में आध्यात्मिक के केंद्र तक रामसेतू पर तिरंगा लहराकर भारत और भारतीय सेना की श्रेष्ठता प्रदर्शित की जाएगी। टीम में शामिल लेफ्टिनेंट कर्नल महलावत ने बताया कि इससे पहले प्रथम विश्व युद्ध के शहीदों की स्मृति में 1923 में बने पूणे के बॉम्बे सेपर्स रेजिमेंट्स युद्ध स्मारक की शताब्दी के उपलक्ष में श्रद्धांजलि दी जाएगी।
35 की टीम में महिला अधिकारी भी
नेटेक्स 23-24 राष्ट्रीय अभियान की 50 सदस्यी टीम में 11 कर्नल, लेफ्टिेनेंट कर्नल, मेजर और कैप्टन स्तर के अधिकारी, चार जेसीओ और 35 जवान शामिल हैं। इनमें देश के पूर्व, उत्तर और दक्षिण की तीन महिला अधिकारी भी हैं। इस टीम के अधिकांश सदस्य युवा हैं जो बारी-बारी से सफर को जारी रखेंगे, लेकिन सफर की शुरुआत सोमवार को चंडीगढ़ की मेजर गरिमा पुनियानी, चेन्नई की कैप्टन प्रियदर्शिनी और पश्चिम बंगाल की संगमित्रा राई ने उड़ानें भरकर योग्यता, एकजुटता और साहस प्रदर्शित किया।