
बांसवाड़ा : अवैध खनन करते पकड़े गए तो पेनल्टी, बच निकले तो मौज, कानूनी प्रावधान ही बना बाधक
बांसवाड़ा. अवैध खनन की रोकथाम में कानूनी प्रावधान ही बाधक बने हुए हैं। अवैध खनन पर पकड़े जाओ तो पेनल्टी भरो और छूट जाओ। इस प्रावधान का अवैध खनन करने वाले फायदा उठा रहे हैं और इसके कारण अवैध खनन पर लगाम में सफलता नहीं मिल रही है। अब अवैध खनन पर निगरानी और सख्ती के क्या हाल है ये किसी से छिपे नहीं हैं। ऐसे में अवैध खनन करने वाले कभी कभार पकड़ में आ पाते हंै। जिले में अवैध खनन के मामले सामने आए हैं उसके अनुपात में दर्ज एफआईआर महज 15 प्रतिशत मामलों में ही लगी है।
माइनिंग इंजीनियर राजेश हुड्ड के मुताबिक अवैध खनन के मामले में पेनल्टी का प्रावधान है। अवैध खनन एरिया का आकलन करके जुर्माना वसूला जाता है। संबंधित यदि पेनल्टी नहीं चुकता करता है तब एफआईआर दर्ज कराई जाती है। बांसवाड़ा में मुख्य रूप से मार्बल, लाइमस्टोन, मैसनरी स्टोन, डोलोमाइट, सेपस्टोन, ईंट-भट्े के कुल 129 खनन पट्टे अप्रधान खनि ज के स्वीकृत हैं। इसी प्रकार प्रधान खनिज के रूप में मैगनीज एवं लाइमस्टोन के एक-एक पट्टे स्वीकृत हैं।ााम को सिद्धा दीदी के प्रवचन हुए। दीपा दीदी व श्रद्धा दीदी के निर्देशन में प्रश्नमंच कार्यक्रम हुआ। विजेताओं को पुरस्कार राजमल तलाटी परिवार की ओर से दिए गए।
यह है स्थिति
वित्तीय वर्ष प्रकरण एफआईआर पेनल्टी
2011-12 9 3 23350
2012-13 22 9 4,02,146
2013-14 51 9 14,46,970
2014-15 30 3 24,83,199
2015-16 63 0 28,58,455
2016-17 32 0 18,28,800
2017-18 29 1 23,40,396
2018-19 24 4 19,19,122
Published on:
07 Jan 2019 03:54 pm
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