
माही के खुले सभी सोलह गेट
बांसवाड़ा जिले में सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक मेघों की मेहरबानी बनी रही। लगातार बारिश से नदी-नाले उफन गए। कई गांवों में पुलियाओं पर पानी आने से आपसी संपर्क कट गया। माही बांध के 16 गेट खोलने के बाद बेणेश्वर धाम फिर टापू बन गया है। धाम पर व्यापारी व पुजारी सहित 35 लोग मौजूद हैं, जो सुरक्षित हैं। इधर, गनोड़ा-बेणेश्वर पुल पर करीब 20 फीट पानी चला। Mahi dem open all sixteen gates
बांसवाड़ा शहर में सोमवार रात करीब 11 बजे से आरम्भ हल्की व मध्यम बारिश का दौर मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे तक बना रहा। इसके बाद कुछ समय बादलों ने विश्राम किया। करीब 12 बजे बाद पुन: रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया, जो शाम चार बजे तक बना रहा। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश से नदी-नालों में पानी आ गया। कई जगह खेत लबालब होकर तालाब में तब्दील हो गए।
खुले 16 गेट, पूरी हुई आस
उदयपुर संभाग के सबसे बड़े माही बांध का जलस्तर बढ़कर 280.80 मीटर होने पर सुबह आठ बजे सभी 16 गेट खोल दिए गए। इसमें 14 गेट एक मीटर व दो गेट आधा-आधा मीटर खोले। 16 गेट खुलने से इसका इंतजार कर रहे जिलेवासियों की आस भी पूरी हुई। सुरवानिया बांध के 10 गेट चार फीट व कागदी के सभी पांच गेट खुले हुए हैं। सोमवार मध्यरात्रि बाद एक बजे बांध के दो गेट 0.15 मीटर खुले हुए थे। इसके बाद सुबह छह बजे जलस्तर 280.65 मीटर होने पर छह गेट आधा-आधा मीटर खोले गए। आठ बजे 14 गेट एक मीटर व दो गेट आधा-आधा मीटर खोले। लगातार आवक के बाद 11 बजे 14 गेट चार मीटर तक खोल दिए गए। बाद में आवक के अनुसार इसमें कमी की गई। शाम सात बजे तक दो गेट आधा मीटर व 14 गेट डेढ़ मीटर खुले हुए थे।
अधिकांश बार अगस्त में खुले गेट
माही बांध के गेट बीते सालों में अधिकांश बार अगस्त माह में ही खुले हैं। 1990 में चार अगस्त, 91 में एक, 93 में नौ, 94 में दो, 96 में सात, 97 में आठ, 2004 में 15, 2012 में 19, 16 में नौ, 17 में 28 तथा 2020 में 23 अगस्त को गेट खुले थे। पिछले वर्ष 2021 में 21 सितंबर को गेट खुले थे, जबकि 2015 में 27 जुलाई को ही बांध के गेट खोल दिए गए हैं।
इतना गिरा पानी
कलक्ट्री स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सुबह 8 बजे समाप्त हुए बीते 24 घंटों में जिले में सबसे अधिक वर्षा भूंगड़ा व दानपुर में 90-90 मिमी रिकार्ड की गई। इसके अतिरिक्त गढ़ी में 82, घाटोल में 71, जगपुरा में 70, बांसवाड़ा में 63, अरथूना में 56, बागीदौरा में 50, केसरपुरा में 39, कुशलगढ़ में 38, लोहारिया में 29, सज्जनगढ़ में 23, शेरगढ़ में 21 व सल्लोपाट में 15 मिमी बारिश हुई है। वहीं मंगलवार सुबह आठ से शाम चार बजे तक घाटोल में 33, बागीदौरा में 31, शेरगढ़ में 30, सज्जनगढ़ में 29, सल्लोपाट में 28, अरथूना में 25, कुशलगढ़ में 22, गढ़ी में 15, भूंगड़ा में 12, दानपुर में 10, बांसवाड़ा में नौ तथा केसरपुरा, जगपुरा और लोहारिया में 6-6 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
कच्चे मकान गिरे, संपर्क भी कटा
लगातार बारिश से दानपुर इलाके में पांच मकान क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में बाडे़ में बंधी दो बकरियां व एक गाय भी घायल हो गई। वहीं बागीदौरा इलाके में एक मकान की दीवार गिर गई। इधर, माही बांध के गेट खोलने के बाद माहीडेम से घंटाली मार्ग पुल पर पानी आने से बंद हो गया। बूंदन नदी में पानी आने के बाद छोटी सरवन इलाके के भी कुछ गांवों का संपर्क एक-दूसरे से कट गया।
माही गंगा को देखने उमड़े लोग
माहीडेम के गेट खोलने के बाद माही गंगा के दर्शन और अथाह जल राशि को देखने के लिए गनोड़ा छोर पर लोगों की भीड़ उमड़ी। यहां पहुंचे लोग हाथ जोड़कर दर्शन करते नजर आए। बेणेश्वर धाम को जोड़ने वाले बांसवाड़ा पुल पर करीब 20 फीट, साबला पुल पर करीब 15 और वलाई पुल पर करीब 25 फीट जल राशि बहने का अनुमान है। घाट पर बना विश्राम गृह भी आधे से अधिक डूब गया है। हनुमान मंदिर जाने वाले मार्ग की आधे से अधिक सीढियां भी पानी में डूब गई हैं। घाट के समीप मुख्य मार्ग पर भी पानी पहुंच गया है। इधर, मंदिर सेवक डायालाल ने बताया कि धाम पर करीब 35 लोग हैं। सभी सुरक्षित हैं और किसी को कोई परेशानी नहीं है।
एनीकट बने पिकनिक स्पाॅट
बांध व तालाबों के साथ ही एनीकट भी जिले में लबालब हो चुके है। एनीकट में मौजूद अथाह जल राशि के अनेकानेक आकृति लेने के साथ ही झरने आदि उभर कर आने से बड़ी संख्या में लोग यहां खींचे चले आ रहे है। माता त्रिपुरा सुंदरी के निकट िस्थत एनीकट भी यहां नीलकंठ महादेव मंदिर व माता मंदिर में आने वाले भक्तों व पर्यटकों को बांधे हुए है।
कलक्टर ने स्थिति का लिया जायजा
बांसवाड़ा. बीती रात से हो रही व्यापक वर्षा के चलते मंगलवार को माहीबांध के गेट खोले गए। इसके बाद जिला कलक्टर प्रकाशचंद्र शर्मा ने माहीबांध स्थल पर अधिकारियों के साथ जायजा लिया तथा आवश्यक निर्देश दिए। वे रतलाम रोड स्थित पांच नंबर पर पावर हाऊस पर भी गए और निरीक्षण किया। इस मौके पर अतिरिक्त कलक्टर नरेश बुनकर सहित माही परियोजना के अभियंता भी साथ रहे, जिन्हें कलक्टर ने लगातार चौकसी बरतने के निर्देश दिए।
Published on:
23 Aug 2022 10:15 pm
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