बांसवाड़ा. जिले में गुरुवार को एक ही दिन में आम्बापुरा और आनंदपुरी क्षेत्र से निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान प्रसूताओं की मौतों की शिकायतों पर चिकित्सा विभाग हरकत में आया।
सीएमएचओ डॉ. एचएल ताबियार के नेतृत्व में विभागीय दल ने शुक्रवार को आनंदपुरी क्षेत्र में चल रहे निजी क्लीनिकों की टोह ली। इस दौरान एक अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिला और उसका कार्मिक कामकाज संभालता मिला। इसके दीगर, प्रसूता की मौत से चर्चा में आया क्लीनिक अस्पताल बंद मिला, वहीं अन्य क्लीनिक संचालक टीम आने की इत्तला पर ताले लगाकर भाग छूटे। टीम ने गड़बडिय़ों की पुष्टि पर हाथोंहाथ दो क्लीनिक सील किए। इस दौरान डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राहुल डिंडोर, बदरेल सीएचसी इंजार्च डॉ. यतीन गौतम, पीसीपीएनडीटी सीओ हरिकांत शर्मा सहित आंबापुरा पुलिस का स्टाफ मौजूद रहा।
आयुष की डिग्री, एलोपैथिक दवाइयों की मिली खेप
सीएमएचओ डॉ. ताबियार की टीम ने आंबापुरा में सबसे पहले डॉ. सुरेश सक्सेना के निजी क्लीनिक पर जांच की। यहां डॉक्टर नहीं मिले, उनकी जगह एक कार्मिक मिला। जांच के दौरान क्लीनिक संचालन का कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। एक डिग्री 1980 की टंगी थी, जो आयुष से संबंधित थी। दूसरी ओर यहां जांच में एलोपैथिक दवाओं का भंडार मिला, जिसके बिल भी नहीं थे। था। मल्टीपल वायल भी मिली। मेडिकल वेस्ट का निस्तारण भी सही नहीं मिला। यहां बोरों में कचरा भरा मिला। क्लीनिक के बैड भी गंदे पाए गए, वहीं संक्रमित नीडल को बॉयलर मशीन से निकालकर दोबारा नीडल उपयोग होना सामने आया। इस पर क्लीनिक को सील कर दिया है।
डॉक्टर नहीं, बेटे ने आकर खोला ताला
टीम इसके बाद डॉ. नूतनसिंह चौहान के क्लीनिक पर पहुंची। यहां क्लिनिक बंद मिला। पूछताछ से पता चला कि डॉक्टर आए थे, लेकिन भनक लगने पर चले गए। यहां गुरुवार को इलाज में कथित लापरवाही के एक गर्भवती महिला की मौत की शिकायत उठने के मद्देनजर डॉ. ताबियार खुद क्लीनिक सील करने जुटे। यह देखकर करीबी सीमेंट की दुकान पर बैठा डॉक्टर का बेटा दौडकऱ आया। उसने पापा बाहर गए होने और फोन स्वीच ऑफ होना बताया। फिर चाबी लाकर क्लीनिक खोल दिया। जांच में यहां भी एलोपैथिक दवाओं के साथ कमियां नजर आईं। हालांकि दवाएं ज्यादा नहीं थी। क्लीनिक संचालन संबंधित किसी भी प्रकार के दस्तावेज नहीं थे। सिंगल वायल का मल्टी यूज हो रहा था। निडल को उबालने वाली मशीन मिली, जिससे एक ही सीरिंज को उबाल कर अन्य मरीजों को लगाने का संदेह रहा। इस पर क्लीनिक को सील कर दिया गया। इसके अलावा टीम और भी क्लीनिकों पर पहुंची, लेकिन सभी बंद मिले।