
बांसवाड़ा। गुजरात में मेहसाणा जिले की कडी तहसील के जासलपुर गांव में शनिवार को मिट्टी धंसने से 9 श्रमिकों की मौत हो गई, जिसमें बांसवाड़ा जिले के तीन मजदूर शामिल हैं। इनमें दो सगे भाई जगन्नाथ बारिया व महेन्द्र बारिया सज्जनगढ़ क्षेत्र के निवासी हैं। छह मृतक श्रमिक दाहोद जिले के हैं। दाहोद जिले का एक दंपती आशीष व उसकी पत्नी आयुषी भी घटना का शिकार हो गया।
एक निजी कंपनी में दीवार बनाते समय यह घटना घटी। इस घटना में एक युवक को बचा लिया गया। पुलिस के अनुसार घटना शनिवार दोपहर पौने 2 बजे घटी। दीवार ढहने के चलते करीब 10 श्रमिक दब गए थे। इनमें से 9 की मौत हो गई। मृतकों में बांसवाड़ा जिले के गांव तरकिया की गंगाबेन कटारा (29), सज्जनगढ़ तहसील के गांव गोयका निवासी जगन्नाथ पुत्र रमेश बारिया (27) तथा उसका भाई महेंद्रभाई बारिया (25) शामिल है।
मेहसाणा की जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) डॉ. हसरत जैस्मीन ने इस घटना में 9 श्रमिकों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मलबे में 10 श्रमिक दब गए थे। जिला कलक्टर ने एक्स पर जानकारी दी कि जासलपुर गांव में स्टील इनॉक्स स्टेनलेस प्रा. लि. कंपनी की दीवार बनाई जा रही थी। इसी दौरान मिट्टी धंसने से श्रमिक दब गए। जिला प्रशासन की ओर से घटना स्थल पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेहसाणा जिले में घटी घटना पर दु:ख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह दुर्घटना अत्यंत दुखद है। इस घटना में जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें इस पीड़ा को सहन करने का संबल प्रदान करे। इसके साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव सहायता में जुटा है। साथ ही मोदी ने इस घटना के मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की मदद की घोषणा की। वहीं, गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपए और घायल को 50 हजार रुपए की सहायता की घोषणा की।
Published on:
13 Oct 2024 01:54 pm
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