
भाजपा के लिए सत्ता बचाने की परीक्षा, कांग्रेस के सामने बोर्ड बनाने की चुनौती
कुशलगढ़. जैसे जैसे नगर पालिका चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे वैसे चुनाव प्रचार तेज होने लगा है। दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के साथ ही निर्दलीयों ने भी मैदान मारने के लिए प्रचार-प्रसार तेज कर दिया है। मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ जनसम्पर्क में जुट गए है। इस बार अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति पुरुष वर्ग के लिए आरक्षित होने से सभी की निगाहें वार्ड नं ् 6, 7, 12 ओर 17 पर टिकी हुई है क्योंकि इन्ही वार्डो से जीत कर आने वाला कोई एक उम्मीदवार अध्यक्ष पद पर काबिज होगा। हालांकि दोनों दलों ने अभी तक अध्यक्ष पद के उम्मीदवार की घोषणा नही की है। इस बार पालिका अध्यक्ष कौन बनेगा यह तो भविष्य के गर्भ में है, परन्तु कांग्रेस की ओर से बड़ा चेहरा पूर्व पालिकाध्यक्ष राघवेश चरपोटा है जो वार्ड 12 से मैदान में है। वहीं वार्ड 17 से चुनाव लड़ रहे दिनेश को भी अध्यक्ष पद का दावेदार माना जा रहा है। भाजपा की ओर से वार्ड 12 से चुनाव लड़ रहे पूर्व पार्षद जितेंद्र अहारी ओर वार्ड 17 से बबलू मईड़ा। ये ही दो ऐसे उम्मीदवार है जिन्हें भाजपा का बोर्ड बनने पर अध्यक्ष का दावेदार माना जा रहा है।
दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
इस बार टिकट वितरण में प्रमुख भूमिका निभाने वाले दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। प्रत्याशियों की हार-जीत का सीधा असर इन दिग्गजों पर पड़ेगा। पीसीसी सदस्य और पूर्व पालिका उपाध्यक्ष हंसमुखलाल सेठ, निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष रजनीकान्त खाब्या, पूर्व पालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा, भाजपा नगर मण्डल अध्यक्ष नितेश बैरागी, पूर्व पार्षद दिनेश परिहार, पूर्व पार्षद सारिका टेलर आदि दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है।
Published on:
22 Jan 2021 04:13 pm
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