बांसवाड़ा. बिजली बचाओ की सीख देने वाले अजमेर विद्युत वितरण निगम में अधिकारी-कर्मचारी खुद लापरवाह है। इसकी बानगी सोमवार को हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में निगम के सहायक अभियंता द्वितीय कार्यालय में दिखलाई दी। यहां दोपहर बाद लंच टाइम में सभी कर्मचारी दफ्तर छोड़ गए, लेकिन भीतर पंखे चलते ही रहे।
दफ्तर में रोकड़ शाखा सहित दो अन्य कमरों पर ताले लटके थे, लेकिन इनमें भी पंखे चालू ही छोड़ दिए गए। तीन बजे बाद इक्का-दुक्का कर्मचारी यहां पहुंचे, तब तक सूने दफ्तर में बिजली की फिजूलखर्ची का सिलसिला चलता रहा। ताज्जुब यह भी कि यहां सहायक अभियंता के कक्ष में दो जने बैठे बतिया रहे थे। जब उनसे इस बारे में बात की, तो कहने लगे जो हॉल और कमरों में बैठते हैं, लाइट-पंखे बंद करना उनकी जिम्मेदारी है। ऐसे में यहां अपने बिजली बिलों से जुड़ी समस्याएं लेकर आए उपभोक्ता भी चर्चा करते नजर आए कि किसी की जेब से पैसा नहीं जाता, इसलिए सब बेफिक्र हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक उपभोक्ता ने बताया कि कई बार तो इस दफ्तर में शाम को भी पंखे चालू छोड़ दिए जाते हैं। उसके बाद रात में कोई ध्यान नहीं देता।