
महात्मा गांधी अस्पताल में ANM बोली- 'मुझे नहीं आता टीका लगाना...' और मासूम बच्चों को बिना टीकाकरण के ही बैरंग लौटना पड़ा
बांसवाड़ा. महात्मा गांधी चिकित्साल के टीकारण कक्ष मेंं नियुक्त कार्मिक ने गुरुवार को टीकाकरण करने से हाथ खड़ा कर देने से माता-पिता संग आए कई मासूमों का टीकाकरण नहीं हो पाया और वे बैरंग लौटे। तकरीबन ढाई घंटे बाद दूसरे कार्मिक को लगाया तब टीकाकरण प्रारंभ हुआ। सूत्रों की माने तो कार्मिक को दो दिन पूर्व टीकाकरण कक्ष में नियुक्त किया गया, जहां कार्मिक की कार्य करने की मंशा नहीं थी। इस बारे में कार्मिक ने प्रबंधन को भी अवगत कराया, लेकिन व्यवस्थाओं के अनुरूप कार्मिक को टीकाकरण कक्षा में ही कार्य करने के लिए कहा गया। दो दिन तो नर्सिंग विद्यार्थियों की मदद से कार्य चल गया, लेकिन गुरुवार को विद्यार्थी न होने पर एएनएम ने हाथ खड़े कर दिए।दवा कितनी मात्रा में लेनी है मुझे ज्ञान नहीं : - एएनएम ने बताया कि उसके मना करने के बाद भी ड्यूटी यहां लगा दी गई। उसे यह ज्ञात नहीं है कि टीके में दवा कितनी मात्रा में लेनी है। इस बारे में नर्सिंग अधीक्षक को अवगत करा दिया गया था कि कोई गड़बड़ी होती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी। नर्सिंग अधीक्षक नवनीत सोनी ने बताया कि टीकाकरण कक्ष में समस्या हुई थी। कार्मिक की ड्यूटी वहां लगाई गई, वो उक्त स्थान पर कार्य करना नहीं चाहती। यदि उसे टीका लगाना नहीं आता तो यह गंभीर विषय है, क्यों कि एएनएम का मुख्य कार्य ही टीकाकरण है।
Published on:
25 Oct 2019 03:27 pm
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
