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ये है राजस्थान का मालदीव, यहां देखने को मिलेंगे 100 खूबसूरत आईलैंड; स्वर्ग से कम नहीं है नजारा

100 islands City Banswara: दूर-दूर तक फैला पानी, हजारों पेड़ों से आच्छादित टापुओं की शृंखला और पानी में चप्पू चलाते आदिवासी युवा।

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Banswara Travel Destinations: बांसवाड़ा। दूर-दूर तक फैला पानी, हजारों पेड़ों से आच्छादित टापुओं की शृंखला और पानी में चप्पू चलाते आदिवासी युवा। मालदीव जैसे वाटर विला, स्कूबा डाइविंग और स्नार्कलिंग तो नहीं दिखने को मिलेगा, मगर दक्षिण राजस्थान में कुदरती मेहर से सरसब्ज यह इलाका मालदीव से कम भी नहीं।

माही बांध के अथाह जल की मौजूदगी, झील और तालाबों से घिरे बांसवाड़ा को ‘सिटी ऑफ हंड्रेड आइलैंड’ (सौ द्वीपों का शहर) कहा जाता है। यहां पर्यटकों के कदम अब भी उतनी तेजी से नहीं पहुंचे हैं, जितनी गुंजाइश है। चाचाकोटा, आला बरोड़ा और महाराणा प्रताप सेतु के इर्द-गिर्द माही बांध किनारे बसे गांव-ढाणियां किसी भी सैलानी का दिल जीत सकती है।

आ सकते हैं सैलानी

चाचाकोटा क्षेत्र बांसवाड़ा शहर से 15 किमी दूर है। माही नदी और माही बांध के बैकवाटर से घिरे इलाके तक सैलानियों की आसानी से पहुंच हो, तो देसी-विदेशी पर्यटकों का बूम आ सकता है। वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी शुरू करने की दरकार है।

यहां जाने का सही समय

  • मानसून (जुलाई से सितम्बर) : इस समय यहां की प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है।
  • सर्दी (नवम्बर से फरवरी) : इस समय ट्रैकिंग और कैंपिंग के लिए सबसे अच्छा समय होता है।

विधाओं का सरकार विकास करे तो यह क्षेत्र और प्रसिद्ध

अच्छी सड़क, पर्यटकों के लिए खान-पान और मूलभूत सुविधाओं का सरकार विकास करे तो यह क्षेत्र और प्रसिद्ध हो सकता है। रोजगार बढ़ेगा। यहां दिसम्बर-जनवरी में शादियों के सीजन में गुजरात, जयपुर, दिल्ली और महाराष्ट्र के शहरों से प्री-वेडिंग शूट के लिए कपल्स आते हैं।
-सुनील डिंडोर, नाविक, आला बरोड़ा

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