
राजस्थान : यहां महिला सरपंच को कॉल लगाने पर उनके पति कहते हैं, हां मैं सरपंच बोल रहा हूं...
बांसवाड़ा. हेलो कौन ...मैं सरपंच बोल रहा हूं...। सरपंच आप है क्या! ... नहीं़ पत्नी है...। कुछ ऐसे संवाद जिले की ग्राम पंचायतों से कामकाज पर कॉल करने वाले ग्रामीणों के साथ अक्सर सामने आ रहे हैं। यही नहीं, कई दफा तो पंचायत और पंचायत समिति की बैठकों में भी निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार पहुंचकर दखल कर रहे हैं। ऐसी शिकायतें लगातार सामने आने पर अब पंचायतीराज विभाग ने इनकी पुनरावृत्ति रोकने की ठानी है। अब ऐसी स्थिति पर संबंधित के साथ इनके कार्यों में सहयोग करने वाले अधिकारियों व कार्मिकों पर भी गाज गिरेगी। हाल ही जिला परिषद के एसीईओ ने इस संबंध सभी विकास अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वे पंचायत समिति क्षेत्र में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने दें। अगर ऐसा पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव भिजवाएं, ताकि विभाग को अवगत कराया जा सके।
कई जगह खुलकर हस्तक्षेप
विभाग तक शिकायतें पहुंच रही है कि पंचायतीराज संस्थाओं में निर्वाचित कतिपय महिला जनप्रतिनिधियों के कामकाज में उनके पति, निकट संबंधी व रिश्तेदार या अन्य व्यक्ति की ओर से कार्यालय का कार्य संपादित करने तथा बैठकों में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर हस्तक्षेप किया जा रहा हैं। पंचायत की बैठकों में भी ऐसे मामले कई बार सामने आ चुके हैं। इस तरह का कृत्य निर्वाचित सदस्यों व पदाधिकारियों के कत्र्तव्य निर्वहन में असमर्थता व दुराचरण की श्रेणी में आता हैं। गौरतलब है कि जिले में करीब 417 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें कई महिला सरपंच एवं वार्ड पंच है।
Published on:
20 Aug 2020 12:11 pm
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
