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Rajasthan Weather : मौसम ने फिर बदली चाल, मावठ की आहट से बांसवाड़ा अंचल के किसान बेचैन

Rajasthan Weather : बांसवाड़ा अंचल में मौसम ने एक बार फिर पलटा मारा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दक्षिणी राजस्थान में बेमौसम बारिश हो गई। इससे काश्तकारों की परेशानी बढ़ गई है।
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बांसवाड़ा

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 3 Feb 2026, 2:32 PM IST

Rajasthan Weather Update weather changed again winter rains prospect Banswara region farmers anxious

आनंदपुरी। सुबह हुई बारिश। फोटो पत्रिका

Rajasthan Weather : बांसवाड़ा अंचल में मौसम ने एक बार फिर पलटा मारा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दक्षिणी राजस्थान में बेमौसम बारिश हो गई। इससे काश्तकारों की परेशानी बढ़ गई है। जिले के आनंदपुरी सहित गढ़ी परतापुर क्षेत्र में दोपहर बाद बारिश हो गई है। रबी की फसल खेतों में पक रही है और बारिश से फसलों को भारी क्षति पहुंचने की संभावना है।

इधर शेष बांसवाड़ा जिले में मावठ के आसार बने हुए हैं। पर बारिश नहीं हुई। हालांकि, वातावरण में आर्द्रता कम होने तथा गत दिनों की तुलना में तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी होने से लोगों को तेज ठण्ड से काफी हद तक राहत मिली है। सोमवार को दिन में हालात ये रहे कि लोगों को स्वेटर निकाल देने पड़े।

आनंदपुरी सहित गढ़ी परतापुर क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट बदली। जिससे मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। अचानक हुई इस बारिश से क्षेत्र के काश्तकारों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों के अनुसार इस वक्त रबी की फसल खेतों में पक रही है और बारिश से फसलों को भारी क्षति पहुंचने की संभावना है। मौसम की बदली चाल ने काश्तकारों के माथे पर भी चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं।

हवा के साथ बारिश गिरी तो होगा फसलों का खराबा

मौसम में बदलाव आया है। तापमान में बढ़ोतरी हो रही हैं। इससे सरसों की फसल प्रभावित होगी। पर, सुकून की बात है कि बांसवाड़ा में सरसों की बुवाई काश्तकारों ने नहीं के बराबर की है। अपने यहां रबी की बुवाई के तहत काश्तकारों ने सर्वाधिक गेहूं, मक्का एवं चने की बुवाई की है। यदि बारिश गिरती है, तो चने की फसल को नुकसान होगा। चने की फसल पर अभी फूल हैं और बारिश के साथ ही वह झर जाएंगे।

गेहूं की फसल में बालियां और मक्का की फसल मध्यम है। ऐसे में बारिश के साथ हवाएं चलती है, तो फसलें आड़ी पड़ जाएगी और नुकसान हो सकता है। काश्तकारों को सलाह दी है कि वह खेतों में पानी की निकासी का उचित प्रबंध करें।
कैलाश मीणा, संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार, बांसवाड़ा