
बांसवाड़ा/खमेरा. खमेरा थाना इलाके के चुंड़ई गांव में सोमवार को एक विवाहिता का शव उसके ही घर में फंदे से लटका हुआ मिलने की सूचना पुलिस को देने गए पति पर पीहर पक्ष के लोगों ने थाने में ही तोडफ़ोड़ करते हुए हमला बोल दिया। इसमें पति घायल हो गया और थाने परिसर में बवाल खड़ा हो गया। करीब दो घंटे से अधिक समय तक ग्रामीणों के थाने में ही रहने से विवाद की स्थिति बनी रही। बाद में बांसवाड़ा से अतिरिक्त पुलिस जाप्ता पहुंचने के बाद स्थिति नियंत्रण में आई, बावजूद ग्रामीण थाने पर डटे रहे। थाना प्रभारी दिलीपदान ने बताया कि चुंडई गांव में सोमवार दोपहर के समय कविता पत्नी जीतमल निनामा का शव उसके ही घर में फंदे से लटका हुआ मिला। इसकी सूचना गांव बोरदा में पीहर पक्ष को देने के साथ ही कविता का पति जीतमल करीब डेढ़-दो बजे खमेरा थाने आया।
पुलिस को साथ ले जाने वह थाने पर ही बैठा हुआ था। इसी दौरान पीहर पक्ष के करीब सौ-दो सौ लोग निजी वाहनों में भरकर खमेरा थाना पहुंच गए। पहले तो ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि जीतमल को बाहर निकाल उनके हवाले करें। थाने पर उपस्थित दो महिला कांस्टेबल एवं दो हैड कांस्टेबल काफी देर तक ग्रामीणों को समझाने में लगे रहे। इसी दौरान भीड़ बढ़ती चली गई और देखते ही देखते भीड़ थाने के भीतर घुसने लगी। कुछ असामाजिक तत्वों ने थाने की खिडक़ी को तोड़ भीतर घुसने का प्रयास किया। माहौल खराब हुआ तो ग्रामीणों को पुलिस को धक्का देकर एक तरफ किया और मृतका के पति जीतमल को खींचकर बाहर ले गए और लात-घूंसों से मारपीट करने लगे। बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाते हुए जीतमल को अपने कब्जे में लिया।
पति-पत्नी के बीच था झगड़ा
सीआई ने बताया कि जीतमल ने करीब दो साल पहले कविता के साथ प्रेम विवाह किया था। उनके नौ महीने का एक लडक़ा भी है। जीतमल ने कुछ माह पूर्व ही एक और शादी कर ली थी। दो पत्नियां होने से घर में झगड़े होने लगे। इसी दरम्यान कविता दुखी होकर पीहर चली गई। वह दो दिन पूर्व ही ससुराल आई थी। मामले में रिपोर्ट आने के बाद अनुसंधान किया जाएगा। पुलिस के अनुसार जीतमल ने तीन शादियां की। वह क्रेन चालक है। मृतका द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत थी।
रात्रि दो बजे तक ठीक थी
जीतमल ने पुलिस को बताया कि रात में दो बजे तक वह कविता के साथ ही था। इसके बाद वह दूसरी पत्नी सुशीला के पास चला गया। सुबह देखा तो कविता घर में लगे पाट से साड़ी के फंदे से लटकी हुई थी। बच्चा बिस्तर के नीचे दबा हुआ था। दोपहर बाद बच्चे के साथ जीतमल एवं सुशीला थाने पहुंचे ओर पुलिस को घटनाक्रम बताया। इसके बाद करीब चार बजे पीहर पक्ष के लोग आए और आते ही हमला बोल दिया। बाद में शाम करीब साढ़े छह बजे पुलिस चुण्डई गांव पहुंची। इधर बताया गया कि पूरे घटनाक्रम के दौरान एक-दो पुलिस कर्मियों को भी चोटें आई हैं।
नौ माह के बच्चे के मुंह में कपड़ा ठंूस ऊपर डाल दिए बिस्तर
चुण्डई गांव के जिस घर में महिला फंदे से लटकी हुई मिली, उसी घर में उसका नौ माह का बेटा भी अचेतावस्था में पड़ा मिला पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार कविता के नौ माह के बच्चे के मुंह में कपड़ा ठंूसा हुआ था। गर्दन मुड़ी होने के साथ उसके ऊपर बिस्तर पड़े हुए थे। इसकी भनक जीतमल और अन्य परिजनों को लगी तो आनन-फानन में उसे बिस्तर के नीचे से निकालकर अस्पताल लाए और उपचार शुरू कराया। यदि इसकी भनक नहीं लगी होती तो बच्चे की जान जा सकती थी।

Published on:
20 Feb 2018 01:11 pm
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