बांसवाड़ा . बीते महीनों में बांसवाड़ा शहर में आरयूआईडीपी की ओर से कराए गए काम की गुणवत्ता की कलाई समय-समय पर खुलती आई है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आमजन की सुविधा को लेकर कोई ठोस कवायद करते नजर नहीं आए। आरयूआईडीपी के कार्य की गुणवत्ताहीनता का एक और प्रमाण मंगलवार सुबह तकरीबन 11 बजे देखने को मिला शहर के गांधी मूर्ति चौराहे पर। जहां एक मिनी ट्रक डामर सड़क पर धंस गया। और यहां पर दो -तीन फीट गहरा गड्ढा बन गया। ट्रक को काफी देर मशक्कत के बाद निकाला जा सका। बताते चलें कि इस वर्ष बांसवाड़ा शहर में आरयूआईडीपी की ओर से सीवरेज और पानी पाइप लाइन डालने का कार्य किया गया। इस दौरान आरयूआइडीपी की ओर से तकरीबन पूरे शहर में सड़कें खोदी गईं। जिसके बाद सड़कों का निर्माण किया गया इसमें गंभीरता नहीं बरती गई और गुणवत्तहीन कार्य के चलते शहर की कई गलियों में समस्या देखने को मिली।
गड्ढे के भराव में भी खानापूर्ति
हालांकि ट्रक धंसने के बाद हुए गड्ढे को कुछ देर बाद भर भी दिया गया। लेकिन इसमें पूरी तरह सिर्फ खानापूर्ति की गई। इस कार्य के दौरान पत्रिका टीम ने मौके पर खड़े होकर कार्यशैली देखी। गड्ढा भरने के लिए ठेकेदार के द्वारा जेसीबी से मिट्टी डालकर गड्ढे को भरवा दिया गया। और मिट्टी पत्थर को सेटल करने के लिए उसकी कुटाई भी नहीं करवाई गई। बल्कि जेसीबी को उसके चला दिया गया।
सवाल : कितने दिन टिकेगा?
गड्ढा भरने के लिए की गई खानापूर्ति के बाद अब सवाल यह खड़ा होता है कि इस प्रकार भराव किए गए गड्ढे की मिट्टी कितनी अच्छी तरह से दबी है। यदि पूर्व ही आरयूआईडीपी ने निगरानी रख अच्छा कार्य करवाया होता तो शायद मिनी ट्रक डामर सड़क पर नहीं धंसता।