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बांसवाड़ा : ACB चकित, सत्यापन में भी गरीब को डराया तो 4 दिन में 5 हजार रुपये रिश्वत के साथ कर दिया ट्रेप

जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले में आबादी क्षेत्र से अलग खेत पर मकान बनाना नई बात नहीं, लेकिन दानपुर में पटवारी और उसके सहयोगी चेनमैन ने गरीब को कार्रवाई की धौंस देकर इस कदर धमकाया कि मजबूरन उसे रिश्वत देने के लिए रुपयों का इंतजाम करना पड़ा। यह तथ्य ACB बांसवाड़ा चौकी की पड़ताल में सामने आया।
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बांसवाड़ा

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deendayal sharma

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Updated: 21 Jun 2019, 8:58 PM IST

banswara

ACB चकित, सत्यापन में भी गरीब को डराया तो 4 दिन में 5 हजार रिश्वत के साथ कर दिया ट्रेप

बांसवाड़ा/दानपुर. जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले में आबादी क्षेत्र से अलग खेत पर मकान बनाना नई बात नहीं, लेकिन दानपुर में पटवारी और उसके सहयोगी चेनमैन ने गरीब को कार्रवाई की धौंस देकर इस कदर धमकाया कि मजबूरन उसे रिश्वत देने के लिए रुपयों का इंतजाम करना पड़ा।
यह तथ्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बांसवाड़ा चौकी की पड़ताल में सामने आया। शुक्रवार को दानपुर पटवार मंडल में पटवारी नारायण भोई हालांकि ब्यूरो के हत्थे नहीं चढ़ा, लेकिन उसके सहयोगी चेनमैन राकेश पुत्र मांगीलाल खडिय़ा को पांच हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता मिल गई।

Video : बांसवाड़ा एसीबी ने 5 हजार की रिश्वत लेते हुए सहयोगी को रंगे हाथों पकड़ा, रिश्वत मांगने वाला पटवारी मौके से फरार

ब्यूरो के डीएसपी हेरम्ब जोशी ने बताया कि परिवादी आम्बापाड़ा हरनाथपुरा निवासी गोपाल मईड़ा पुत्र साकरचंद मईड़ा कड़सी गांव में जिस शामिलाती कृषि भूमि पर मकान बनवा रहा था, वह आबादी क्षेत्र में नहीं थी। इसी बात को पटवारी ने पकड़ा और मौका कार्रवाई कर निर्माण सामग्री जब्त कर ले जाने की धमकी दी। इसकी एवज में दस हजार रुपए रिश्वत मांगने पर परिवादी ने काफी गुहार की, लेकिन आरोपी पांच हजार से कम लेने पर सहमत नहीं हुए। यह रकम भी गोपाल को जुटाना मुश्किल था, इसलिए उसने परेशान होकर 17 जून को ब्यूरो से शिकायत की।
सत्यापन में गिड़गिड़ाया था परिवादी, नहीं सुनी तो...
ब्यूरो ने शिकायत का गोपाल से ही सत्यापन कराया। इसके लिए उसे पटवारी और चेनमैन के पास अलग-अलग भेजने पर दोनों ने रियायत की बात किए बगैर डराया-धमकाया। परिवादी सत्यापन के दौरान भी गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। इस पुष्टि पर ट्रेप कार्रवाई प्लान किया गया। शुक्रवार को रिश्वत राशि के साथ गोपाल को भेजने पर पटवारी नारायण भोई तो पटवार मंडल में नहीं मिला, लेकिन चेनमैन राकेश भीतर बैठा था। गोपाल ने जैसे ही उसे राशि दी। उसने अपनी जेब में डाल दी। फिर बाहर निकलते ही गोपाल ने संकेत दिया और ब्यूरो दल ने पहुंचकर उसे पकड़ लिया। बाद में हाथ धुलवाने और जेब से राशि निकलवाने पर रंग निकल आया, तो उसे गिरफ्तार कर आगे कार्रवाई की गई।
पटवारी लापता, तलाश की कोशिश
एसीबी ट्रेप के बाद ब्यूरो ने मुख्य आरोपी पटवारी भोई की टोह ली, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पटवारी ने अपना मोबाइल भी बंद कर दिया। ऐसे में देरशाम तक टीम दानपुर में प्रकरण से जुड़ी कार्रवाई करने के साथ पटवारी की तलाश में लगी रही।

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