मतदान शुरू होने के कुछ देर बाद ही पोलिंग बूथ पर मतदाता वोट डालने के पहुंचने लगे। पहले कुछ देर बूथ पर तो एक्का दुक्का लेाग ही नजर आए। लेकिन तकरीबन आठ बजे से मतदान केंद्राें पर कतार लगना शुरू हो गई। वहीं, सुबह प्रदेश के कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया भी मतदान के लिए पोलिंग बूथ पहुंचे। इस दौरान जिला प्रमुख रेशम मालवीया भी उनके साथ वोट डालने पहुंची। आजादी के आंदोलन में अनाम शहीदों के उत्सर्ग की स्थली मानगढ़ धाम की स्मृतियों को आत्मसात किए बागीदौरा विधानसभा सीट जिले की हॉट सीट में सम्मिलित है। इस बार यहां से सबसे कम पांच प्रत्याशी हैं। कांग्रेस से केबिनेट मंत्री महेंद्र जीत सिंह मालवीया को यहां से पांचवी बार टिकट दिया है। वहीं भाजपा से पहली बार महिला प्रत्याशी कृष्णा कटारा को चुनाव मैदान में उतारा है। इसके अतिरिक्त बीएपी से जयकृष्ण पटेल, बीटीपी से बसंत गरासिया और बसपा से प्रवीण कुमार चुनाव मैदान में है।
बताते चलें कि लोकतंत्र का महापर्व है। राजस्थान विधानसभा चुनाव के अन्तर्गत बांसवाड़ा जिले में भी बांसवाड़ा, घाटोल, गढ़ी, बागीदौरा और कुशलगढ़ विधानसभा सीट से जनता मत रूपी समर्थन देकर अपना प्रतिनिधि चुनेगी। इस बार के चुनाव में 18 से 39 वर्ष आयुवर्ग के 50 प्रतिशत से अधिक युवा मतदाता हैं, जो निर्णायक रहेंगे। शनिवार को प्रात: सात बजे से सायं छह बजे तक मतदान होगा। इसमें पौने 14 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए निर्वाचन विभाग और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
प्रदेश को पहली महिला विधायक देने वाले और तीन बार मुख्यमंत्री रहे हरिदेव जोशी की जन्म व कर्मभूमि रहे जिले की बांसवाड़ा विधानसभा सीट पर इस बार चुनाव में छह प्रत्याशी हैं। भाजपा से धनसिंह रावत, कांग्रेस से राज्यमंत्री अर्जुन सिंह बामनिया, भारत आदिवासी पार्टी से हेमंत राणा, बसपा से प्रकाश तथा निर्दलीय धनसिंह चुनाव मैदान में हैं। यहां से भारतीय ट्राइबल पार्टी के भगवतीलाल डिंडोर भी चुनाव मैदान में थे, किंतु गत दिनों बदले राजनीतिक घटनाक्रम में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को समर्थन दे दिया।
जिले की यह एकमात्र ऐसी विधानसभा सीट है, जहां का विधायक चुनने के लिए बांसवाड़ा जिले के घाटोल क्षेत्र के अतिरिक्त प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट क्षेत्र के मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करते हैं। इस बार चुनाव में यहां से सात प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। भाजपा से पूर्व सांसद मानशंकर निनामा, कांग्रेस से पूर्व संसदीय सचिव नानालाल निनामा, भारत आदिवासी पार्टी से अशोक निनामा, बीटीपी से धीरजमल निनामा, बसपा से बापूलाल गणावा, आप से नारायणलाल व निर्दलीय कांतिलाल मैदान में हैं।
जिले में डेढ़ दशक पहले हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई गढ़ी विधानसभा पर पहली बार 2008 में चुनाव हुए। इस बार चुनाव में यहां से सबसे अधिक 12 प्रत्याशी चुनावी भाग्य आजमा रहे हैं। भाजपा से विधायक कैलाशचंद्र मीणा, कांग्रेस से पूर्व प्रधान शंकरलाल चरपोटा, बीएपी से मणिलाल गरासिया, बीटीपी से विजयपाल कटारा, बसपा से सूर्यलाल खांट, बीएमसी से विनोद कुमार को टिकट मिला है। वहीं प्रेमिला खराड़ी, निपेश डामोर, शैलेन्द्र रोत, कुगालाल, पंकज चरपोटा और लक्ष्मण ङ्क्षडडोर निर्दलीय हैँ।
कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र समाजवादी विचारक मामा बालेश्वर दयाल के आदर्शों को आत्मसात करने वाला और गुजरात व मध्यप्रदेश की सीमाओं से सटा हुआ है। यहां से कांग्रेस ने विधायक रमीला खडिय़ा को व भाजपा ने पूर्व संसदीय सचिव भीमा भाई को टिकट दिया है। बीएपी से राजेंद्र आमलियार, बीटीपी से देवचंद मावी, आप से विजयङ्क्षसह मईड़ा, बसपा से हरेंद्र, बीएमपी से दिनेश के अतिरिक्त निर्दलीय के रूप में डॉ. सोमेश्वर गरासिया, अशोक भाई और ओंकार चुनाव मैदान में हैं।